पिपराबाजार। इंसेफेलाइटिस ने पटेरा बुजुर्ग में दो घरों के की दीवाली को काली कर दी है। मेडिकल कालेज में मंगलवार को इस गांव के दो मासूमों की मौत हो गयी। एक माह में इंसेफेलाइटिस से चार मौतें हो जाने के कारण पूरे गांव में दहशत है।
पटेरा बुजुर्ग गांव के रहने वाले अवधेश की 8 वर्षीया बेटी अंगीरा कई दिन पहले इंसेफेलाइटिस की चपेट में आ गयी। परिवार वालों ने मासूम का इलाज पडरौना कराया लेकिन कोई लाभ नहीं हो रहा था। हालत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय के डाक्टरों ने उसे सोमवार को गोरखपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के दौरान ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
इसी गांव के हरेंद्र गुप्ता की बेटी संध्या भी इंसेफेलाइटिस के कारण मंगलवार को काल के गाल में समा गयी। संध्या का भी इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा था लेकिन हालत बिगड़ने पर डाक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। सोमवार को परिजनों ने मेडिकल कालेज में संध्या को भर्ती कराया लेकिन मंगलवार को इंसेफेलाइटिस की वजह से मौत ने अपने आगोश में ले लिया।
बता दें कि पटेराबुुजुर्ग गांव में एक माह के भीतर इंसेफेलाइटिस से यह चौथी मौत है। अभी पंद्रह दिन पूर्व ही अवधेश की ही बेटी शिल्पा की मौत इंसेफेलाइटिस के वजह से हुई थी। वहीं एक माह पूर्व इसी गांव की एक और मासूम गुंजा भी इंसेफेलाइटिस की शिकार हुई थी। एक माह के भीतर चार मौत होने की वजह से पूरे गांव में दहशत है।