पडरौना। धनतेरस और दीपावली पर महंगाई का जबरदस्त असर पड़ा है। इससे एक तरफ तो मिलावटी और नकली चांदी के सिक्के बाजार में आ गए हैं वहीं दूसरी ओर लोगाें के रुझान में भी बदलाव आया है। लोग वजनी आभूषण खरीदने के बजाय हल्के और आकर्षक आभूषण खरीदने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। चांदी के आभूषण की मांग भी कम होती जा रही है। शनिवार को शहर के कुछ सर्राफा व्यवसायियों से रायशुमारी की गई।
सर्राफा व्यवसायी हरिनारायण वर्मा बताते हैं कि रानी विक्टोरिया, जार्ज पंचम, इंड वर्क्स के 11.600 ग्राम के पुराने चांदी के सिक्कों की कीमत 1200 रुपये है। इंड वर्क्स के चांदी के सिक्कों में 91.99 प्रतिशत चांदी पाई जाती है। मार्केट में इनसे मिलते-जुलते डुप्लीकेट सिक्के भी हैं। इसे कसौटी पर घिसकर परखा जा सकता है। मार्केट में पुराने और नए दोनों प्रकार के सिक्कों के डुप्लीकेट हैं। इसलिए ग्राहकों को विश्वसनीय दुकान से ही सोने अथवा चांदी के आभूषण तथा सिक्कों की खरीददारी करनी चाहिए।
सर्राफा व्यवसायी राजेंद्र वर्मा का कहना है कि बीस साल पहले और आज के परिवेश में काफी अंतर आ गया है। पहले लोग धनतेरस पर खरीदारी नहीं करते थे लेकिन अब जागरूकता बढ़ी है। वह बताते हैं कि धनतेरस पर खास तैयारी की है। इसके लिए लक्ष्मी-गणेश के पांच ग्राम तथा दस ग्राम के सिक्के हैं। इसके अलावा चांदी के पत्र और चांदी के नोट पांच ग्राम के वजन में मंगाया गया है। इतना ही नहीं लक्ष्मी गणेश की चांदी की मूर्ति तथा चांदी के बर्तन भी बिक्री के लिए मंगा लिए गए हैं।
सर्राफा संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार स्वर्णकार कहते हैं कि पहले और आज के चलन में काफी अंतर आ गया है। लोग चांदी से ज्यादा सोने के सामान खरीद रहे हैं। वजनी की अपेक्षा हल्के आभूषण खरीदने में लोगों की अधिक रुचि है। स्वर्ण व्यवसायी अरविंद सोनी बताते हैं कि मार्केट में 300 से 1200 रुपये तक के चांदी के सिक्के हैं। हल्के चांदी के सिक्कों तथा आभूषण की मांग ज्यादा है। पहले चांदी पर निवेश करते थे अब सोने के आभूषण पर निवेश कर रहे हैं।