पडरौना। खड्डा क्षेत्र के महादेवा गांव के मुसहर बस्ती की 45 से अधिक महिलाएं माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के जाल से परेशान हैं। गांव में पहुंच रहे एजेंट महिलाओं पर दबाव बना रहे हैं। उनके घर रखे साइकिल, रसोई गैस सिलिंडर तक उठा ले गए हैं। विरोध करने पर जेल भिजवाने की धमकी देते हैं और बोलते हैं कि ट्रेन से कटकर मर जाओ या घर छोड़कर चली जाओ तो लोन माफ हो जाएगा। इसको लेकर मुसहर परिवार की महिलाएं सहमी हैं। महिलाओं का आरोप है कि 40 लाख का लोन देने के दौरान एजेंट कमीशन में करीब नौ लाख रुपये लिए हैं। उसका कोई हिसाब नहीं दे रहे हैं। गरीब महिलाओं का सुनने वाला भी कोई नहीं है।
कुशीनगर जिले में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंट गरीब महिलाओं को समूह बनाकर लोन बांटे हैं। नदी उस पार बसे महादेवा गांव की उषा देवी, फुलवंती देवी, दुर्गावती देवी, चुममुनिया देवी, शीला, सरिता, तेतरी देवी, ज्ञांति देवी, रिंकू, संगीता समेत कई महिलाओं को दो से तीन माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंट किसी को 1.35 लाख, किसी को 1.50 लाख रुपये करीब डेढ़ वर्ष पूर्व लोन दिए। महिलाओं का आरोप है कि करीब नौ लाख कमीशन ले लिए हैं। छह माह तक किस्त लेने के लिए कोई एजेंट गांव में नहीं आया। इसके बाद दूसरे एजेंट आए और चारपाई, साइकिल, रसोई गैस सिलिंडर किश्त नहीं देने पर उठा ले गए। महिलाओं ने बताया कि एजेंट आते हैं और लोन जमा कराने के लिए उल्टा सीधा बोलते हैं। विरोध करने पर कहते हैं ट्रेन से कटकर जान दे दो या अपने परिवार के साथ घर छोड़कर चली जाओ तो लोन माफ हो जाएगा। हम लोग खुद मजदूरी कर पेट पालते हैं। लोन सहूलियत के लिए लिया था, लेकिन इससे और मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की नोटिस भी महिलाओं को मिली है। लोक अदालत गोरखपुर से भी नोटिस आया है, महिलाओं ने कहा कि इस नोटिस पर क्या लिखा है आज तक नहीं पढ़ पाए हैं हम लोग, जो लेकर आया था वह बोला था कि गोरखपुर तुम लोग आ जाना। किराया ही नहीं था कि हम लोग जाएं। एजेंटों की प्रताड़ना से मुसही बस्ती की महिलाएं परेशान हो गई हैं। इस पर जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए।