दुदही। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर आठ लोगों से करीब 7.42 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रुपये लेने के बाद जालसाजों ने पीड़ितों को फर्जी वीजा और टिकट थमा दिया। ऑनलाइन जांच में दस्तावेज फर्जी मिलने पर पीड़ितों ने रुपये और पासपोर्ट मांगे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर विशुनपुरा पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोरखपुर जिले के छबैला चौरीचौरा निवासी साहिल अली ने तहरीर में बताया कि वह अपने मित्र ओपिन मल्ल, अमित सिंह, नवीन सिंह, अवनीश चौधरी, मंजीत यादव, आजमगढ़ के रामसुमन, विशुनपुरा निवासी सेराज अहमद और देवरिया निवासी मोहम्मद लतीफ के साथ विदेश में रोजगार की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात जंगल विशुनपुरा निवासी नैमुला अंसारी और उसके मामा हाता झनगा बकटा निवासी शफीक अंसारी से हुई।
आरोप है कि नैमुला ने खुद के विदेश में रहकर आने की बात बताई और सभी को वहां नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद अलग-अलग लोगों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम ली गई। रामसुमन से 1.01 लाख, नवीन सिंह से 1.50 लाख, ओपिन मल्ल से 86,900, अवनीश चौधरी से 1.19 लाख, अमित सिंह से 1.15 लाख, मंजीत यादव से 1.04 लाख, सेराज अहमद से 30 हजार और मोहम्मद लतीफ से 35 हजार रुपये लिए गए।
पीड़ितों के मुताबिक, रकम लेने के बाद आरोपियों ने उन्हें टिकट और वीजा उपलब्ध कराया। ऑनलाइन सत्यापन कराने पर टिकट और वीजा के फर्जी होने का पता चला। इसके बाद उन्होंने रकम और पासपोर्ट लौटाने के लिए कहा, तो आरोपियों ने धमकी देना शुरू कर दिया। तहरीर में पासपोर्ट नैमुला के ससुर मुन्ना अंसारी के पास होने की बात भी कही गई है। पीड़ितों के अनुसार, बाद में उन्होंने अपने पासपोर्ट वापस ले लिया। थानाध्यक्ष शनि कुमार जावला ने बताया कि साहिल अली की तहरीर पर नैमुला अंसारी, शफीक अंसारी और मुन्ना अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।