आबादी वाले हिस्से में 11 किलोमीटर लंबाई में दोनों तरफ बनेगा निर्माण, वर्ष 2009 से 2012 तक हाईवे का हुआ था निर्माण
सुकरौली, ढाढा, हेतिमपुर, कसया, महुअवा,लतवा बाजार है चिह्नित, निर्माण से हाईवे पर जलभराव से मिलेगी निजात, आवागमन में मिलेगी सहूलियत
पडरौना। गोरखपुर से कसया होते हुए फाजिलनगर तक जाने वाली सड़क (एनएच-27) पर बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हाईवे के 45 किलोमीटर हिस्से का 60 करोड़ रुपये से नवीनीकरण करा रहा है। इसके साथ आबादी वाले हिस्सों में 11 किलोमीटर तक दोनों तरफ नाले बनाए जाएंगे। परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
एनएचएआई की ओर से हाईवे के नवीनीकरण और जल निकासी की व्यवस्था के लिए काम कराया जा रहा है। वर्ष 2009 से 2012 के बीच हाईवे का निर्माण हुआ था। उस समय सड़क के दोनों तरफ आबादी कम थी। पिछले एक दशक में हाईवे के किनारे तेजी से आबादी बढ़ी है। कई जगह बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित हो गए हैं। इसके बावजूद जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दौरान हाईवे और सर्विस रोड पर पानी भर जाता है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय कारोबारियों को परेशानी होती है। हाईवे का नवीनीकरण होने से करीब 50 हजार की स्थानीय आबादी को सुविधा मिलेगी।
एनएचएआई ने जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए आबादी वाले हिस्सों को चिह्नित किया है। इनमें सुकरौली, ढाढ़ा, हेतिमपुर, पकड़ीहवा, पकवाइनार, कसया, महुअवा और लतवा बाजार शामिल हैं। इन स्थानों पर करीब 11 किलोमीटर लंबाई में हाईवे के दोनों तरफ नालों का निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल पकड़ीहवा, हेतिमपुर और पकवाइनार में निर्माण कार्य चल रहा है।
नाला बनने से बारिश का पानी सड़क पर जमा नहीं होगा। इससे हाईवे और सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या कम होगी। साथ ही, सड़क पर फिसलन और जलभराव के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। हाईवे के किनारे बसे लोगों और दुकानदारों को भी राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों को मिलेगी राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे के किनारे नालों का निर्माण होने से लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या दूर होगी। बारिश के दौरान सर्विस रोड पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। हाईवे पार कर खेतों में जाने वाले किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आवागमन आसान होगा और बाजारों में कारोबार करने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी।
वर्जन
हाईवे के नवीनीकरण और जल निकासी के लिए नालों का निर्माण शुरू करा दिया गया है। फोरलेन बनने के बाद हाईवे के किनारे आबादी और बाजारों का तेजी से विस्तार हुआ है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या सामने आती है। इसे देखते हुए चिह्नित स्थानों पर नाले बनवाए जा रहे हैं। परियोजना पूरी करने की समय सीमा मार्च 2027 तय की गई है। हालांकि इसी वर्ष अधिकतर निर्माण कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- चिन्मय दूबे, साइट इंचार्ज, एनएचएआई, गोरखपुर
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बारिश होने पर जलनिकासी का कोई बंदोबस्त नहीं था। अब एनएचएआई की तरफ से नाला का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इससे जलभराव की आ रही समस्या से निजात मिल जाएगी। आवागमन में भी सहूलियत मिलेगी।
- राकेश सिंह, भैंसहा
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हाईवे पार कर दूसरी तरफ खेती कार्य के लिए जाने वाले लोगों को भी बारिश के मौसम में सर्विस रोड में भरे पानी से होकर गुजरना पड़ता था लेकिन नाला निर्माण पूरा होने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी। लंबे समय से यह समस्या बनी हुई थी।
- योगेंद्र कुशवाहा, पकड़ीहवा