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सिर्फ दस डॉक्टरों के जिम्मे हैं 45 अस्पताल

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जिला अस्पताल परिसर में बना डॉक्टरों के अभाव में अक्सर बंद रहता है होमियोपैथिक अस्पताल । - फोटो : KUSHINAGAR
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राकेश कुमार गौंड़
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पडरौना। होम्योपैथिक अस्पतालों की उपलब्धता के बाद भी जिले के लोग इस पद्धति का बेहतर लाभ नहीं ले पा रहे हैं। कारण कि 45 अस्पतालों के सापेक्ष सिर्फ 18 चिकित्सक हैं। एक चिकित्सक के जिम्मे तीन से चार अस्पतालों को जिम्मा है। ऐसे में ये अस्पताल फार्मासिस्ट व वार्ड ब्वॉय के भरोसे चल रहे हैं।
कसया, रामपुरपट्टी, रामघाट कोइलसवा, फाजिलनगर, कारखाना महुअवा, मोतीचक पैकौली, सुकरौली, पड़री बाजार, सुकरौली और बनकटा बाजार सहित 10 अस्पतालों में होम्योपैथिक डॉक्टर उपलब्ध हैं। ज्यादातर अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। विभाग के लोगों का कहना है कि 10 डॉक्टर ही उपलब्ध हैं, जिन्हें तैनाती स्थल के अलावा अन्य अस्पतालों का अतिरिक्त प्रभार मिला है। ऐसे में जिन अस्पतालों में ये डॉक्टर नहीं जा पाते, वहां इलाज का जिम्मा संबंधित फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय के जिम्मे रहता है। पडरौना शहर के होम्योपैथिक अस्पताल और जिला अस्पताल के आयुष अस्पताल में भी कोई चिकित्साधिकारी तैनात नहीं है। बनकटा बाजार के चिकित्साधिकारी को ही इन दोनों अस्पतालों का अतिरिक्त चार्ज है। इससे भी बड़ी जिम्मेदारी उन्हें जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी की मिली हुई है।
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45 अस्पतालों में 41 फार्मासिस्ट
होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग में एक तरफ जहां 45 के सापेक्ष सिर्फ 10 डॉक्टर उपलब्ध हैं, वहीं इसके मुकाबले अन्य स्टॉफ की तादाद ठीक है। 45 के सापेक्ष 41 फार्मासिस्ट उपलब्ध हैं। इन अस्पतालों में 22 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पहले से तैनात थे। इनके अलावा निजी कंपनी के जरिए आउटसोर्सिंग से 30 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात कराए गए हैं।
एक साल से चल रहा नियुक्ति का मामला
पिछले जून में संघ लोक सेवा आयोग से होम्योपैथिक डॉक्टरों के लिए वैकेंसी निकली थी। उसके आधार पर परीक्षा हुई और परिणाम भी घोषित हुआ, लेकिन रिक्त पदों पर डॉक्टरों की तैैनाती नहीं हो पाई है।
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डॉक्टरों के स्थानांतरण एवं सेवानिवृत्ति के चलते इतनी अधिक तादाद में पद रिक्त हैं। 45 के सापेक्ष सिर्फ दस डॉक्टर उपलब्ध हैं, जिन्हें तैनाती वाले अस्पताल के अलावा अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। संघ लोक सेवा आयोग से डॉक्टरों की नियुक्ति हो गई है। शासन से शीघ्र ही रिक्त पदों पर इनकी तैनाती होने की उम्मीद है।
डॉ. नारायण प्रसाद चौरसिया, जिला होम्योपैथी चिकित्साधिकारी
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