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हाटा में मजदूरों से भरी बस हुई दुर्घटनाग्रस्त

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ट्रक में पीछे से टकराई बस, चार की मौत, 50 घायल
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हाटा (कुशीनगर)। बाघनाथ चौराहे के पास सोमवार आधी रात के बाद बिहार के मधेपुरा से पंजाब के लुधियाना जा रही मजदूरों से भरी बस ट्रक में पीछे से टकरा गई। हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 50 घायल हो गए। घायलों में 30 की हालत गंभीर है। बस में 80 यात्री सवार थे।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि को करीब दो बजे हाटा के बाघनाथ चौराहे के पास हुए हादसे में बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को हाटा सीएचसी भेजवाया, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल 32 लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान दो मजदूरों की मौत हो गई। शेष 30 मजदूरों में से कुछ का यहां इलाज चल रहा है, जबकि कुछ को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान मधेपुरा निवासी संदीप (19), हृदयानंद (60), पूरन (20) और सुनील कुमार (25) के रूप में हुई है। हादसे में जिन लोगों को हल्की चोटें आई थीं, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हाटा सीएचसी से छुट्टी दे दी गई।
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इस संबंध में हाटा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि रात में एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजवाया गया। चार मजदूरों की मौत हुई है।
बस दुर्घटना में घायलों की सूची
बस और ट्रक की टक्कर में मामूली रूप से घायल हुए लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे गई। गंभीर रूप से घायल सामंत कुमार, रमेश सादा, अनिल सादा, विकास, नारायण, राजकुमार, अनु कुमार, संदीप, अमित कुमार, लालू सादा, राजेश सादा, अभिनंदन कुमार, बिगो सादा, रंजन सादा, राजकुमार, गुड्डू, पवन, राजेश कुमार, संजय कुमार, पूरन कुमार, नारायण साथी, अविनाश कुमार, मंटू, जयकांत, गुंजन सादा, सोनू कुमार निवासी मधेपुरा बिहार, गुलाब सिंह और नक्षम सिंह सनरोला पंजाब को जिला अस्पताल भेज दिया गया।
30 सीट की क्षमता वाले बस में बैठाए गए थे 80 लोग
हाटा (कुशीनगर)। हाटा नगर के बाघनाथ चौराहे पर दुर्घटनाग्रस्त हुई बस में क्षमता से कई गुना अधिक यात्री बैठाए गए थे। 30 सीट की क्षमता वाले इस बस में करीब 80 यात्री सवार थे। यही कारण है कि हादसा होने पर मृतकों और घायलों की संख्या इतनी अधिक हो गई। बस संचालक अधिक लाभ कमाने के चक्कर में रोज ऐसी बसों का संचालन कर रहे है जो लोगों की जान से खिलवाड़ करते हुए हाईवे पर फर्राटा भर रही हैं।
सोमवार की रात करीब दो बजे हाटा में दुर्घटनाग्रस्त हुई बस में सवार मजदूर मधेपुरा जिले के गोविंदपुर पतरहा वार्ड संख्या दो के निवासी सुधीर सादा, मोंगालाल, जोगिंदर सादा, प्रमोद, देवव्रत, नीतीश सादा ने बताया कि वह लोग पंजाब में मजदूरी करते हैं। वह लोग जिस बस से यात्रा कर रहे थे उसमें 80 लोगों को बैठाया गया था। जबकि बस में 30 सीट की क्षमता निर्धारित है। अन्य लोगों को बैठाने के लिए बस में दोनों सीट के बीच में बनी गैलरी में भी सीटें लगाई गई हैं। मजदूरों को ले जाने और लाने वाली सभी बसों में ऐसे ही सवारियों को बैठाया जाता है। इन लोगों ने बताया कि ऐसी बसों में यात्रा करना उन लोगों की मजबूरी है। क्योंकि वह बहुत ही गरीब हैं और इन बसों में अन्य बसों से किराया कुछ कम लगाता है। इसी लिए वह लोग इन बसों से यात्रा करते हैं।
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एंबुलेंस के सायरन से टूटा सन्नाटा
हाटा। रात दो बजे हाटा में बाघनाथ चौराहे पर हुई बस दुर्घटना में घायलों को अस्पताल तक ले जाने के लिए 14 एंबुलेंस लगानी पड़ी। सायरन बजने पर रात का सन्नाटा टूट गया। आसपास के लोग घबरा भी गए। घायलों की अधिक संख्या होने की वजह से उनको पहले हाटा सीएचसी और बाद में वहां से जिला अस्पताल तक ले जाया गया।
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भोजन का किया प्रबंध
हाटा। दुर्घटना का शिकार हुई बस में सवार मजदूर रोजी-रोटी के लिए पंजाब जा रहे थे। ऐसे में कई मजदूरों के पास पैसे नहीं थे। ये लोग घर से जो कुछ खाने-पीने का सामान लाए थे। वह सब दुर्घटना के बाद मची अफरा-तफरी में तितर-बितर हो गया था। ऐसे में इन लोगों की भूख मिटाने के लिए हाटा नगर के समाजसेवी जयप्रकाश जायसवाल आगे आए और एक ढाबे पर उन्होंने मजदूरों के भोजन का प्रबंध किया।
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निकले थे परिवार के लिए रोजी रोटी कमाने, चली गई जान
हाटा। परिवार के लिए रोजी रोटी के जुगाड़ में अपने घरों से हजारों किलोमीटर दूर जा रहे थे। अभी वह अभी अपनी मंजिल पर पहुंच पाते इससे पहले ही काल के गाल में समा गए। मजदूरों ने बताया कि जिनकी मौत हुई है। वह सभी बेहद ही गरीब परिवार के लोग हैं। इन लोगों की मौत ने परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है, लेकिन ऊपर वाले की नीयत के आगे इंसान कुछ नहीं कर सकता। यही सोचकर एक दूसरे को सांत्वना दे रहे थे।
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