पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया ब्लाक क्षेत्र के 23 गांवों में बनाए गए कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) क्रियाशील होने से पहले ही बदहाल हो गए हैं। इसके निर्माण पर करीब करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी इन कूड़ा निस्तारण केन्द्रों का संचालन नहीं हो पा रहा है। गांवों और प्रमुख सड़कों के किनारे पड़े कचरे के ढेर कूड़ा निस्तारण केन्द्रों की पोल खोल रहे हैं।
गांव को शहर की तरह स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के लिए घर और सड़क के किनारे एकत्र होने वाले कचरों से निजात दिलाने के लिए सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत वर्ष 2022-23 में सात आरआरसी के लिए 3.36 करोड़ 36 रुपये और वर्ष 2023-24 में 31 आरआरसी सेंटर निर्माण कराने के लिए 3.85 करोड़ रुपये जारी किए थे।
शासन की तरफ से स्वीकृत इस धनराशि से 38 आरसीसी में से ब्लॉक के सौरहा बुजुर्ग, कुर्मी पट्टी, रामपुर भाठ, विजयपुर, देवतहा, बंधवा, खैरटिया शितलापुर, चखनी भोज छपरा, मठिया धीर, नेबुआ रायगंज, पचफेड़ा, खजुरी, ढोलहा, सिरसिया बुजुर्ग, रामपुर खुर्द, बरवा बाजार, मठिया आलम, बेलवा, अतरडिहा सहित कुल 23 गांवों में कूड़ा निस्तारण केन्द्रों का निर्माण करा दिया गया, लेकिन 7.9 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी इन केन्द्र पर व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है। घरों से कूड़ा कलेक्शन नहीं हो रहा है और न ही इन निस्तारण केंद्रों पर कूड़े से खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू हो पाई है।
शासन की मंशा थी कि कूड़ा निस्तारण केन्द्रों के माध्यम से घरों और गांव का कचरा इकट्ठा कर उसका डिस्पोजल कर दिया जाए। बाद में प्रक्रिया के द्वारा खाद बनाकर उसकी बिक्री कर ग्राम पंचायतों के आय को बढ़ाने की थी। साथ ही घरों से कचरा निस्तारण करने के लिए एक निर्धारित शुल्क वसूलने की भी व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद गांवों की सड़कों पर जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर सिस्टम की बदहाली और अव्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।