मंसाछापर। आकांक्षात्मक ब्लॉक विशुनपुरा में पंचायत भवनों के संचालन और ग्राम पंचायत सचिवों की उपस्थिति को लेकर बीडीओ ने सख्त रुख अपनाया है। 11 अगस्त को ब्लॉक के सभी आठ सेक्टर प्रभारियों ने रोस्टर के अनुसार पंचायत भवनों की जांच की। 21 पंचायत भवन बंद मिले, जबकि नौ पंचायत सचिव अनुपस्थित पाए गए। जांच रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ ने चार सचिवों का एक दिन का वेतन रोक दिया है। पांच सचिवों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
निर्धारित रोस्टर के दिन ग्राम पंचायत सचिवों को पंचायत भवन पर उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण करने के साथ आय, जाति, निवास समेत विभिन्न प्रमाणपत्रों और योजनाओं से संबंधित कार्यों में सहयोग करना होता है। लगातार शिकायत मिल रही थी कि पंचायत भवन समय से नहीं खुलते और सचिव नहीं जाते है। लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ अखंड प्रताप ने सभी आठ सेक्टर प्रभारियों को जांच का निर्देश दिया था।
जांच के दौरान पटेरा खुर्द, पटेरा बुजुर्ग, चितहा, अकबरपुर, चैती मुसहरी, डुमरी, चिरगोड़ा, गंभीरिया, त्रिलोकपुर खुर्द, सिंघापट्टी, बरवा पुरदिल, भुजौली, सरपतही, ढोरही, पिपरा, खजुरिया, सेखुई, मोतीपुर, बाबूराम सेमरा, पटेरिया आबादकारी और दानदोपुर सहित कुल 21 पंचायत भवन बंद पाए गए। इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद बीडीओ ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सचिव शंभू यादव, अफरोज अंसारी, विनोद दुबे और अमरनाथ प्रजापति का एक दिन का वेतन रोकते हुए उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
वहीं, धर्मेंद्र कुशवाहा, सुमित कुमार, विनोद यादव, हरिकेश यादव और रवि शंकर कन्नौजिया को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बीडीओ ने बताया कि रोस्टर के अनुसार पंचायत भवनों पर उपस्थिति और ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करना अनिवार्य है। संवाद