औद्योगिक विकास के लिए लगने थे 195 उद्योग, लगे सिर्फ बारह
वर्षों से सिर्फ फाइलों में ही चल रही अधिकतर फर्म
आवंटित भूखंड पर छह माह के भीतर शुरू करना होता है काम
पडरौना। जिले में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की तरफ से आवंटित भूखंडों का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। जिले में वृहद औद्योगिक आस्थान और चार मिनी औद्योगिक आस्थान विकसित किए गए हैं। इसमें उद्योग स्थापित करने के लिए 216 भूखंड हैं। इनमें से 195 भूखंड उद्यमियों को आवंटित किए गए हैं, लेकिन मौके पर मात्र 12 भूखंडों पर उद्योग संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद उद्योग विभाग उद्योग चालू करने अथवा भूखंडों का आवंटन निरस्त करने के लिए प्रयास कर रहा है।
पडरौना नगर के रामकोला रोड स्थित वृहद औद्योगिक आस्थान में जिला उपायुक्त, उद्योग विभाग का कार्यालय है। यहां कुल 36 भूखंड उद्यमियों को आवंटित किए जा चुके हैं, लेकिन मौके पर सिर्फ नौ उद्योग संचालित हैं। इसी तरह मिनी औद्योगिक आस्थान कसया में सभी 52 प्लॉट आवंटित हैं, लेकिन दो उद्योग ही चल रहे हैं। सेवरही क्षेत्र के सरगटिया में 47 प्लॉटों में 17 खाली हैं, शेष 30 आवंटित हैं। सिर्फ एक उद्योग ही संचालित है। सिसवां बुजुर्ग में 45 भूखंडों में चार एससी के लिए आरक्षित हैं। शेष भूखंड आवंटित हैं, लेकिन मौके पर एक भी उद्योग नहीं चल रहा है।
फाजिलनगर क्षेत्र के नदवा विशुनपुर में कुल 36 प्लॉट आंवटित हैं, लेकिन कोई उद्योग नहीं लगा है। हालत यह है कि कई उद्यामियों ने आवंटन के बाद से अब तक चहारदीवारी भी नहीं कराई है। कुछ ने उद्योग लगाने के स्थान पर या तो आवास बना लिया है या उसे अन्य प्रयोग में ला रहे हैं। विभाग को आवंटित भूखंडों की वस्तुस्थिति के बारे में जानकारी भी है। इस मामले में विभाग की तरफ से केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है।
स्थापित उद्योग
पडरौना वृहद औद्योगिक आस्थान में पवन इंटर प्राइजेज, देव कंकरीट, मणि इंटरप्राइजेज, विवेक पब्लिकेशन, भारत स्टील उद्योग, मधु उडे़न फर्नीचर उद्योग, पूर्वांचल कृषि यंत्र उद्योग, डीके सेल्स कॉपोरेशन और श्री मेटल उद्योग संचालित हैं। कसया में दो और सेवरही में एक उद्योग संचालित हो रहा है।
ये है नियम
वृहद औद्योगिक आस्थान और मिनी औद्योगिक अस्थान में आंवटित भूखंडों पर उद्यमियों को छह माह के भीतर उद्योग स्थापित करना होता है। ऐसा नहीं करने पर उद्योग विभाग की तरफ से संबंधित को नोटिस देकर आवंटन निरस्त कर दिया जाता है।
‘उद्योग मालिकों को भेजा जाएगा नोटिस’
उपायुक्त उद्योग सतीश कुमार ने बताया कि वृहद और मिनी औद्योगिक आस्थान में आवंटन के बाद उद्योग नहीं लगाने वालों को नोटिस भेजा जाएगा। उनकी तरफ से सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर भूखंड आवंटन को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।