शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए शोध संस्थान सेवरही से किया जाएगा वितरण
तमकुहीरोड। शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए गन्ना विभाग की तरफ से जिले को 1944 क्विंटल गन्ने का अभिजनक बीज आवंटित किया है। इसका वितरण गन्ना शोध संस्थान सेवरही से किया जाएगा। पूर्वांचल के लिए आवंटित गन्ना बीज भी यहीं से वितरित होगा।
उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान व प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि गन्ना विभाग की तरफ से पूर्वांचल के आठ जिलों के लिए 9043 क्विंटल गन्ने का अभिजनक बीज आवंटित किया गया है। इसमेंं शीघ्र पकने वाली पांच प्रजातियों कोशा 13235 व 13231, को लखनऊ-14201, यूपी-05125, को 0118, की-6439 क्विंटल और मध्य देर से पकने वाली तीन प्रजातियों के बीज कोशा 9232, कोसे-8452 व 13452 शामिल हैं। कुशीनगर जिले के लिए 1944 क्विंटल, देवरिया जिले के लिए 900 क्विंटल, गोरखपुर के लिए 1202 क्विंटल, मऊ के लिए 560 क्विंटल और बलिया के लिए 621 क्विंटल बीज आवंटित किया गया है।
गन्ना शोध संस्थान सेवरही के संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाष सिंह ने बताया कि क्षेत्र के किसानों को गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए संस्थान को आवंटित अभिजनक बीज का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। देवरिया के गन्ना उपायुक्त एपी सिंह और गोरखपुर की गन्ना उपायुक्त ऊषा पाल ने इसके लिए किसान गोष्ठियों के माध्यम से गन्ना किसानों को जागरूक व प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया है।