अंतरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस पर कसया वृद्धाश्रम में बुजुर्गों का सम्मान करते जिला समाज कल्याण अधिकारी टीके सिंह।
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कसया। अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर सोमवार को यूपी भारती विकास संस्थान की ओर से कसया में संचालित वृद्धाश्रम में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। वरिष्ठजनों की मदद के लिए समाज के लोगों से आगे आने की अपील की गई।
वृद्धाश्रम के प्रबंधक प्रदीप त्रिवेदी ने कहा कि अपने प्राचीन संस्कृति की रक्षार्थ वृद्धों की सेवा व सम्मान करना चाहिए। कहा कि संयुक्त परिवार में लोग बड़ों का आदर भाव रखते थे। उसकी आवश्यकता आज भी है। भारतीय संस्कृति की यही पहचान रही है। हमारे धर्मग्रंथों में जीवन का पहला रोग वृद्धावस्था ही माना गया है। कहा कि एक पिता कई बच्चों का पालन कर सकता है, लेकिन सभी बच्चे मिलकर एक पिता का पालन करने में असमर्थ क्यों हो जाते हैं? यह विचार करने वाली बात है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी टीके सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि दिसंबर 1990 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने एक अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस मनाने का निर्णय लिया था। तभी से यह परंपरा चल रही है।
कार्यक्रम के संचालक जितेंद्र राव ने कहा कि लोग अपनों को ही भूल जाते हैं। बेवजह अपनों को रुला देते हैं। जो दीया रात भर उनको रोशनी देती है, सुबह होते ही लोग उसे बुझा देते हैं। इस मौके पर समाज कल्याण पर्यवेक्षक संतोष कुमार तिवारी, विद्यापति मिश्र, आशीष पांडेय, रवि मिश्र, अतुल राव, दिनेश मिश्र आदि मौजूद रहे।