पडरौना। सरकार की ओर से शुरू की गई माइक्रो कामधेनु योजना से पशुपालकों को लाभांवित करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोमवार को विकास भवन के सभागार में बैठक आयोजित की गई। इसमें बैंकों के अधिकारी भी मौजूद थे।
इसमें पशुपालन विभाग की ओर से बताया गया कि कामधेनु और मिनी कामधेनु योजनाएं पहले से ही संचालित की जा रही हैं।
कामधेनु योजना पर प्रति पशुपालक 1.20 लाख रुपये निवेश करने होते हैं। जनपद में एक ही पशुपालक को इससे लाभांवित करने का लक्ष्य रखा गया था। इस योजना के तहत 100 दुधारु पशुओं को रखा जाता है। मिनी कामधेनु योजना में प्रत्येक लाभार्थी को 50-50 पशु रखने होते हैं। सरकार इसके लिए पशुपालकों को सब्सिडी देती है। इस वर्ष 13 पशुपालकों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था।
सीडीओ केदारनाथ सिंह ने बताया कि सरकार ने अब माइक्रो कामधेनु योजना शुरू की है। इसके तहत 17 लाभार्थियों का चयन किया जाना है। प्रत्येक लाभार्थी को 25-25 गाय अथवा भैंस रखने होंगे। ये सभी पशु अच्छी नस्ल के होंगे, जिन्हें बाहर से मंगाया जाएगा। इस योजना से जुड़ने वाले लाभार्थियों को सही तरीके से बैंकों से ऋण मिले, इसके लिए बैंकों के अधिकारियों को भी बैठक में बुलाया गया था। बैठक में एडीएम रामकेवल तिवारी सहित पशुपालन व अन्य विभागों से जुड़े लोग मौजूद थे।
योजनाओं के प्रगति की जानकारी ली
पडरौना। मुख्य सचिव ने सोमवार को सीडीओ सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने लंबित सभी परियोजनाओं को मार्च के अंत तक पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने सबसे पहले अधिकारियों से विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उसके बाद उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के कारण बहुत सी परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाईं।
वित्तीय वर्ष खत्म होने में तीन माह ही शेष है। इसलिए सड़कें, समाजवादी पेंशन, छात्रवृत्ति, कृषि, शिक्षा आदि से जुड़ी सभी योजनाएं शीघ्र पूर्ण करा लें। इस दौरान सीडीओ केदारनाथ सिंह, एडीएम रामकेवल तिवारी सहित कई विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।