पडरौना। जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुल 1,37,239 वादों का निस्तारण किया।
जिला जज संजीव कुमार त्यागी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायाल गुलाब सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। इसके बाद शुरू हुए विशेष लोक अदालतों में कुल 1,37,129 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें फौजदारी के 7,445 मामलों का निस्तारण कर 98,300 जुर्माना राजकीय कोष में जमा कराया गया। इसी तरह मोटर दुर्घटना दावा वाद के 102 मामलों का निस्तारण कर 8,49,10,200 रुपये मुआवजा जमा कराया गया।
बैंक ऋण प्री-लिटिगेशन वाद के 2,094 मामलों का निस्तारण कर 12,26,24,870 टोकन मनी वसूली गई। पारिवारिक न्यायालय के 103 वादों का व राजस्व वाद से जुड़े 1,187 मामलों का निस्तारण किया गया। इसी तरह प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ने पारिवारिक विवादों का निस्तारण करते हुए 10 दंपत्तियों को एक साथ विदा किया। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन स्तर पर एक वाद का निस्तारण और क्षतिपूर्ति स्थायी लोक अदालत ने दो मामले का निस्तारण करते हुए कुल 20 लाख की क्षतिपूर्ति दिलाई।
इस दौरान एडीजे इफराक अहमद, विशेष न्यायाधीश एससी/एसएसटी आनंद प्रकाश-तृतीय, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मोहम्मद आजाद, परमेश्वर प्रसाद, शैलेंद्र मणि त्रिपाठी, सत्यपाल सिंह प्रेमी, दिनेश कुमार-द्वितीय, विजय कुमार वर्मा-द्विती, मयंक प्रकाश, डॉ. रामेश्वर दयाल, प्रभात सिंह, भुवन, अजीत कुमार मिश्र, शांतनु तंवर, सुनंदन गोयल, विवेक प्रजापति, ज्योत्सना नागवंशी, दीपाली सिन्हा, लक्ष्मण पाठक, राकेश कुमार सिंह, आलोक चन्द्र पांडेय, महेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।