पिपरा बाजार। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के मिठहा माफी गांव में शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे मेें डूबने से 10 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। गड्ढा दो सप्ताह पूर्व खोदा गया था। बच्चे की मौत से गांव में कोहराम मच गया। देर शाम तक बच्चे का शव उसके दरवाजे पर रखा हुआ था।
मिठहा माफी गांव निवासी अवधेश गुप्ता का 10 वर्षीय बेटा ओमकार सोमवार दोपहर से लापता था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। शाम छह बजे के करीब शौचालय की टंकी बनाने के लिए खोदे गए एक गड्ढे में उसका शव देखा गया। इसकी सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। चीख-पुकार सुनकर घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। गांव के लोगों ने शव को गड्ढे से निकाला और अवधेश गुप्ता के दरवाजे पर ले आए। देर शाम तक बच्चे का शव दरवाजे पर ही रखा हुआ था। घटना को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है।
गांव के लोगों ने बताया कि ग्राम पंचायत की तरफ से शौचालय निर्माण के लिए श्रीकिशुन, नारायण, प्रसाद, झपसी, छट्ठू, लक्ष्मी गुप्ता, छोटे, प्रेमचंद, जितई गुप्ता आदि के घर के पास गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। गांव में इस तरह के करीब 20 गड्ढे खोदे गए हैं। बारिश की वजह से इन गड्ढों में पानी भर गया है। इनमें से एक गड्ढे में डूबने से ओमकार की मौत हो गई। ग्राम प्रधान रमायन कुशवाहा ने कहा कि शौचालय की टंकी बनवाने के लिए चार-पांच दिन पहले गड्ढे खोदे गए थे। अचानक हुई बारिश के चलते गड्ढों में पानी भर गया। दुर्घटना से वह बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा कि वह गांव से बाहर थे, घटना की जानकारी होने पर गांव पहुंचे हैं। यह हृदयविदारक घटना है। मामले की जांच कराई जाएगी। गड्ढा खोदकर छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
- आनंद प्रकाश, बीडीओ, विशुनपुरा