कुशीनगर। अकबरपुर गांव में आंदोलनरत किसानों को मनाने के लिए बृहस्पतिवार की देर शाम महराजगंज की गड़ौरा चीनी मिल के सहायक प्रबंधक कर्मचारियों के साथ पहुंचे। उन्होंने किसानों को मनाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। इसलिए उन्हें वापस जाना पड़ा। उसके बाद डीसीओ भी किसानों को मनाने पहुंचे, लेकिन किसानों ने उनकी भी नहीं सुनी।
अकबरपुर गांव समेत बिंदल छपरा, तेजवलिया, कुदौना, करमैनी आदि गांवों के किसानों का गन्ना कई वर्षों से त्रिवेणी चीनी मिल रामकोला में जाता था, लेकिन इस बार क्षेत्र का गन्ना गड़ौरा चीनी मिल को आवंटित हो गया है। जब किसानों को इसकी जानकारी हुई तो गड़ौरा चीनी मिल को गन्ना देने से साफ इनकार कर दिया। यहां के किसान चक्का जाम और धरना - प्रदर्शन कर चुके हैं।
बृहस्पतिवार की देर शाम गड़ौरा चीनी मिल के सहायक प्रबंधक रूद्रेश्वर त्रिपाठी अपने कर्मचारियों के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने किसानों से आंदोलन समाप्त कर अपना गन्ना गड़ौरा चीनी मिल को देने की अपील की, लेकिन किसानों ने गन्ना देने से साफ इनकार कर दिया। करीब एक घंटे की वार्ता के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकलने पर वह वापस चले गए। उसके बाद डीसीओ वेद प्रकाश सिंह गांव पहुंचे और उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि अपनी समस्या से संबधित शिकायती पत्र दें, उसका जल्द निस्तारण किया जाएगा।