कुशीनगर। जिले में बिजली से वंचित 649 गांवों के 1204 मजरे रोशनी से गुलजार होंगे। बिजली निगम की ओर से इसके लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। 55 करोड़ रुपये पर इस पर निगम खर्च करेगा। हाईटेंशन, एलटी लाइन के अलावा नया ट्रांसफार्मर लगाने और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शत-प्रतिशत मजरे बिजली से जुड़ जाएंगे। काम में तेजी लाने के लिए हाल ही में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक भी हुई थी। सौभाग्य योजना के तहत जिले के वंचित मजरे और गांवों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा गया, बावजूद इसके 1204 मजरे पर बिजली का कनेक्शन नहीं पहुंच पाया था। इसके लिए तीसरे फेज का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद रिवैंप योजना के तहत काम शुरू हुआ है। इन मजरों पर लाइट पहुंचाने के लिए 900 किमी एलटी तार, 200 किमी हाईटेंशन तार दौड़ाया जा रहा है। 5000 से अधिक पोल भी लगाया जाएगा। 100 से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और नया ट्रांसफार्मर भी लगाया जाएगा। इसमें सर्वाधिक नया ट्रांसफाॅर्मर 25 केवीए का लगना है। प्रतिदिन की इसकी रिपोर्टिंग जेई एक्सईएन के माध्यम से उच्चाधिकारियों को करेंगे। मार्च 2026 तक काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बिजली नहीं होने के कारण इन मजरे के लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांवों में जाना पड़ता था। घरों में रखे बिजली से चलने वाले उपकरण शोपीस बने हैं। पहले और दूसरे फेज में दस हजार से अधिक मजरों को बिजली से जोड़ा जा चुका है। इस पर खर्च होने वाला बजट 55 करोड़ की स्वीकृति भी हो गई है। दो कंपनियों को काम कराने का जिम्मा दिया गया है। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार काम पूरा होने के बाद कोई भी गांव या मजरा बिजली से वंचित नहीं रह जाएगा। शत प्रतिशत घर बिजली कनेक्शन से जुड़ जाएंगे।
निकायों में शामिल गांवों में भी पहुंचाई जाएगी बिजली
सौभाग्य योजना के तहत सिर्फ गांव और मजरों को जोड़ा गया था। तीसरे फेज रिवैंप योजना में मजरों के अलावा नगरीय क्षेत्र के वंचित मोहल्लों को भी बिजली कनेक्शन से जोड़ा गया है। जिले में कई नगर पंचायत नई बनी हैं, इसमें शामिल गांवों व मजरों पर आज भी बिजली कनेक्शन नहीं पहुंच सका है। इसलिए तीसरे फेज वाले योजना में नगरीय क्षेत्र को भी शामिल किया गया है।