कुंडा के सीओ जियाउल हक को ग्राम प्रधान नन्हे के बेटे बबलू ने ही गोली मारी थी। गोली लगने के बाद सीओ जियाउल हक जमीन पर गिर गए। उस वक्त तक वह जिंदा थे।
सीओ के जमीन पर गिर जाने के बाद प्रधान के भाई पवन, फूलचंद और प्रधान की रायफल लेकर चलने वाले गार्ड मंजीत उन्हें पीटते रहे। इसके बाद ही उनकी मौत हो गई।
सीबीआई के सामने बबलू ने घटनाक्रम का खुलासा करते हुए सीओ को गोली मारने की बात कुबूल कर ली है। सीबीआई ने शनिवार को बबलू के साथ तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सीबीआई अब इन्हें कोर्ट में पेश करेगी। बबलू की निशानदेही पर सीओ का मोबाइल भी बरामद हो गया है।
बबलू ने सीबीआई को बताया है कि उस वक्त पूरा गांव बहुत गुस्से में था। वह लोग कामता पाल के मकान की ओर बढ़ रहे थे, तभी उसे पता चला कि उसके एक और चाचा सुरेश को भी किसी ने गोली मार दी है।
इससे गुस्सा और भड़क उठा। तभी सीओ जियाउल हक फोर्स के साथ सामने आ गए। वह सभी लोगों को रोक रहे थे।
सीओ के साथ कई गांव वाले उलझे हुए थे। मुझे किसी ने बताया कि चाचा को पुलिस की गोली लगी है। इससे मेरा गुस्सा और बढ़ गया और मैंने सीओ को गोली मार दी। जब सीओ गिरे तो वह जिंदा थे। इसके बाद पवन, फूलचंद और गार्ड मंजीत ने उन्हें जमकर डंडे और लाठियों से पीटा। इसके बाद ही उनकी मौत हो गई।
बीते दो मार्च को कुंडा के बलीपुर गांव के प्रधान नन्हे यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद गांव में हुए बवाल पर काबू करने पहुंचे सीओ कुंडा जियाउल हक की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।
सीबीआई ने जांच में पाया है कि सीओ की हत्या मारे गए ग्राम प्रधान नन्हे के बेटे बबलू और दो भाइयों ने अपने लोगों के साथ मिलकर की थी। बबलू ने पिटाई से पहले सीओ को गोली भी मारी थी। बबलू और प्रधान के भाइयों फूलचंद और पवन से पूछताछ में पूरा घटनाक्रम सामने आ गया है।
अपनी ही बंदूक की गोली से मरा था सुरेश
सीओ जियाउल हक की हत्या का राज खुलने के साथ ही प्रधान के भाई सुरेश यादव की मौत से भी पर्दा उठ गया। सीबीआई जांच में स्पष्ट हुआ है कि सुरेश अपनी गोली से मरा था। वह बंदूक के कुंदे से सीओ को पीट रहा था। अचानक फायर हुआ और गोली सुरेश को लगी। इस के बाद बबलू ने नन्हे की राइफल से सीओ को गोली मार दी।
जहां पिस्टल वहीं से मोबाइल कैसे मिला
सीबीआई अफसरों का कहना है कि जिस स्थान पर सीओ की पिस्टल पड़ी थी, उसी के पास ही सूखे में सीओ का मोबाइल भी पड़ा था, लेकिन उस दौरान हम लोगों की नजर नहीं गई। जबकि पिस्टल मिलने के बाद दर्जनों लोगों वहां की गहन तलाशी ली थी। फोरेंसिक टीम ने भी पड़ताल की थी।
हत्या के आरोपी बबलू ने बयान दिया है कि पिस्टल के साथ ही मोबाइल भी फेंका गया था, ऐसे में मोबाइल इतने दिन बाद सीबीआई को कैसे मिला इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शुरू से ही था बबलू पर शक
लखनऊ। सीबीआई को सीओ हत्याकांड में बबलू पर तभी शक हो गया था जब उससे पूछताछ के दौरान पूरे घरवाले सीबीआई के खिलाफ बयानबाजी करने लगे थे। बबलू की निशानदेही पर ही सीओ की पिस्टल बरामद की गई थी। सीबीआई जल्दी ही राजा भैया से भी पूछताछ करेगी।