कुंडा कांड में सीओ जियाउल हक को मौके पर छोड़ कर भागने वाले पुलिसकर्मियों में से चार को बर्खास्त करे जाने की सिफारिश की गई है। इनकी बर्खास्तगी के आदेश जल्दी ही जारी होने हैं।
पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की रिपोर्ट में चार अन्य पुलिसकर्मियों को अपेक्षाकृत कम कड़े दंड का भागी ठहराया गया है।
जिस तरह पुलिसकर्मी सीओ जियाउल हक को भीड़ से घिरा छोड़ कर भाग निकले थे, उस पर कड़ी प्रक्रियाएं आई थीं।
उच्च अधिकारियों ने प्रतापगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक आशाराम यादव को आरोप के घेरे में आ रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
अपर पुलिस अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट दो दिन पहले ही उच्च अधिकारियों को सौंप दी थी।
गृह सचिव आरएन उपाध्याय ने बताया कि जो रिपोर्ट दी गई है उसमें इंसपेक्टर कुंडा सर्वेश चंद्र मिश्र, एसएसआई कुंडा विनय सिंह, एसओ हथगवां मनोज कुमार शुक्ला और कांस्टेबिल गनर इमरान को गंभीर अपराध का दोषी पाया गया है।
इनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की संस्तुति की गई है। गृह सचिव ने स्वीकार किया कि इन्हें बर्खास्त किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बाकी के चार पुलिसकर्मी वह हैं जो एसओ हथगवां के हमराह थे। उनके खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है लेकिन उतनी सख्त नहीं जितनी बाकी के चार के खिलाफ। गृह सचिव ने बताया कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जल्दी ही कार्रवाई हो जाएग़ी।