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कुंभी ब्लॉकः ओपीडी में ताला बंद, इमरजेंसी में भी मरीजों को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सेवा

सार

कुंभी ब्लॉक में सर्वाधिक 1453 एक्टिव केस, निगरानी समितियों का डोर टू डोर सर्वे भी हवा हवाई
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंभी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

ब्लॉक कुंभी के अंतर्गत पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 

गोला गोकर्णनाथ। कोरोना संक्रमण शहर में भले ही घट रहा हो, लेकिन कुंभी गोला ब्लॉक इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। ब्लॉक की सीएचसी और पीएचसी में लापरवाही बरती जा रही है, जहां ओपीडी बंद हैं। इमरजेंसी मरीजों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उधर, प्रशासन का निगरानी समितियों का डोर टू डोर सर्वे का दावा भी हवा हवाई है। यहां बता दें कि कुंभी ब्लॉक में सर्वाधिक 1453 एक्टिव केस भी हैं।
 
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कुंभी सहित पांचों पीएचसी में महज तीन पुरुष डॉक्टर, महिला चिकित्सक एक भी नहीं      

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Docter - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
कुंभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत सुहेला, सिकंदराबाद, गोला, झाऊपुर, परेली, कुंभी, गोला में एडिशनल पीएचसी और गोला में एक 30 बेडों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। कुंभी सहित पांचों एडिशनल पीएचसी में महज तीन एमबीबीएस पुरुष डॉक्टर हैं, जबकि महिला चिकित्सक एक भी नहीं हैं। बीएएमएस पांच स्थाई, चार संविदा, बीडीएस संविदा एक, फार्मासिस्ट स्थाई छह, संविदा दो वार्ड ब्बॉय, पांच लैब असिस्टेंट, तीन स्वीपर, दो स्टाफ नर्स महिला, संविदा पुरुष एक भी नहीं, लैब टेक्नीशियन एक, हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर एक, बीएचडब्ल्यू पुरुष चार, बीएचडब्ल्यू महिला स्थाई 11, संविदा 18, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर संविदा 15 के भरोसे क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं। 

कोरोना के संक्रमण काल में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी दिन रात बेहतर सेवा देने में जुटे हैं। सीएचसी और पीएचसी पर जो समस्याएं हैं उनसे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सुहेला पीएचसी पर अनुपस्थित चल रहे डॉक्टर की भी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।  - डॉ. गणेश कुमार, पीएचसी कुंभी प्रभारी एवं कोविड-19 प्रभारी गोला।

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गोला सीएचसी में केवल गर्भवती महिलाओं का होता है प्रसव और इलाज  

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोला - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
इसके अलावा गोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्तमान में महज तीन डॉक्टर हैं, जिसमें सीएचसी अधीक्षक कोरोना पॉजिटिव हैं, चिकित्सा अधिकारी अशोक बिहारी सिंह एल-1 अस्पताल गोला भेजे गए हैं। अब मात्र अकेले डॉ. एसडी गोस्वामी के भरोसे सीएचसी चल रही है। हालांकि सहयोग में संविदा महिला चिकित्सक आकांक्षा, पीएचसी अधीक्षक एवं कोविड-19 प्रभारी डॉ गणेश कुमार स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। सीएचसी में वर्तमान में महिला चिकित्सक स्थाई एक, संविदा एक, बीडीएस एक, फार्मासिस्ट तीन, चीफ फार्मासिस्ट एक, डेंटल हाइजीनिस्ट एक, एक्सरे टेक्नीशियन एक, वार्ड ब्बॉय दो, ओटी असिस्टेंट एक, स्थाई एक, संविदा चार लैब असिस्टेंट, संविदा एक स्वीपर, एक स्टाफ नर्स महिला, स्थाई दो, संविदा छह पुरुष स्टाफ नर्स, संविदा दो, लैब टेक्नीशियन स्थाई एक, संविदा दो के भरोसे वर्तमान में सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। जो वर्तमान हालातों को देखते हुए नाकाफी हैं। संवाद
 

संपूर्णानगर: निजी क्लीनिकों पर बढ़ी भीड़

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docter - फोटो : amar ujala
संपूर्णानगर। वर्तमान में ही एक सिंगाही खुर्द, एक रानीनगर में पॉजिटिव केस है। अब तक सांस की समस्या से कस्बा में दो महिला व एक पुरुष की मौत भी हो चुकी है। प्रतिदिन प्राइवेट क्लीनिकों पर 50 से 100 बुखार और जुकाम के मरीजों की भीड़ लगी रहती है। यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक नहीं हैं, जिससे संक्रमितों तक दवाओं की किट भी नहीं पहुंच पा रही है। संपूर्णानगर की रैपिड टीम के राजीव कुमार ने बताया कि अब तक उनकी गदनियां एसएसबी कैंप में ड्यूटी थी। संवाद
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पसगवां में सर्विलांस टीम नहीं निभा रही अपने दायित्व

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demo - फोटो : अमर उजाला।
पसगवां। निगरानी समितियों की निष्क्रियता के कारण कोरोना संक्रमण व अन्य गंभीर बीमारियों की सूचना समय से नहीं मिल पा रही है। गांव की निगरानी समिति में प्रधान, ग्राम सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशाबहू, लेखपाल शामिल हैं, लेकिन संक्रमण की सूचना स्वास्थ्य विभाग को कोई नहीं दे रहा है। उधर बुखार, खासी की जांच के लिए बनी सर्विलांस टीम अपने दायित्व का समुचित निर्वहन नहीं कर रही है। बनकागांव, कोटामुग़ल, चौबियापुर, खरगापुर, जमिरहा के ग्रामीणों ने बताया कि उनके यहां बुखार की जांच के लिए कोई टीम नहीं है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्विनी कुमार वर्मा का कहना है शनिवार को 48 लोगों को एंटीजन टेस्ट किए गए, जिसमें पांच कोरोना संक्रमित मिले। संवाद
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- अनिरुद्ध वर्मा, निवासी परेली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

परेली और झारा गांव में तीन नए कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए हैं। पीएचसी बंद होने से मरीजों को प्राइवेट क्लीनिक पर इलाज कराना पड़ रहा है। निगरानी टीम अब तक गांव नहीं पहुंची है। जिला प्रशासन भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। - अनिरुद्ध वर्मा, निवासी परेली  

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- सज्जन सिंह, अर्कवंशी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंभी में स्वास्थ्य सेवाएं खराब हैं। शाम होते ही अस्पताल बंद हो जाता था। इस समय तो हर जगह ओपीडी बंद चल ही रही है। निगरानी समिति सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। वह कहीं नहीं पहुंची हैं। - सज्जन सिंह, अर्कवंशी निवासी कुंभी

 

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- कैलाशचंद गुप्ता - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

नगर की सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापार मंडल और सामाजिक संगठनों ने सुधार के लिए तमाम प्रयास किए। अधिकारियों को तमाम ज्ञापन भेजे लेकिन सीएचसी पर डॉक्टर, दवा का अभाव बताकर नगरवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिलता है। - कैलाशचंद गुप्ता, अध्यक्ष व्यापार मंडल गोला

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अशोक सक्सेना - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
गोला सीएचसी, पीएचसी सहित ग्रामीण क्षेत्रों की पीएचसी का तो और भी बुरा हाल है। निगरानी समितियों के डोर टू डोर जाने के दावे भी हवा हवाई हैं। - अशोक सक्सेना, इंका नेता गोला
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