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कौशाम्बी : पिपरी में युवक की गलाघोंट कर हत्या, साथी लापता

Tue, 19 Oct 2021 08:54 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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Young man strangled to death in Pipri, partner missing - फोटो : KAUSHAMBI
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नेवादा। पिपरी कोतवाली के दुर्गापुर गांव के समीप युवक की झाड़ी में शव मिलने से सनसनी है। युवक को पीले रंग की नॉयलान की रस्सी से गलाघोट कर मारा गया था। वह कुछ दिन पहले जवई गांव में रहने वाले अपने दोस्त के यहां कार से आया था। इमली गांव के समीप से लावारिस हालत में कार तो बरामद हो गई, लेकिन दोस्त का पता नहीं चल सका। कार में मिले पहचान पत्र के आधार पर शव की शिनाख्त हो सकी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हत्या क्यों और किस मकसद से की गई? इसका खुलासा नहीं हो सका है।

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दुर्गापुर गांव के लोग सुबह नित्यक्रिया के लिए खेतों की तरफ गए थे। इसी बीच उनकी नजर सड़क के किनारे झुरमुट में पड़े एक युवक की लाश पर पड़ी। युवक हरे रंग की धारीदार टीशर्ट व पैंट पहने था। उसका गला पीले रंग की नॉयलान की रस्सी से घोंटा गया था। कमर के पास एक ग्लब्स मिला जो कि फटा था। राहगीरों की सूचना पर पिपरी पुलिस भी आ गई। पुलिस छानबीन कर ही रही थी कि, तभी पता चला कि सरायअकिल कोतवाली के इमली गांव के समीप एक स्विफ्ट डिजायर कार लावारिस हालत में खड़ी है।

 

इसकी जानकारी पर सरायअकिल व पिपरी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो अंदर एक पहचान पत्र नरेंद्र सिंह निवासी सरौली जनपद पानीपत हरियाणा व दूसरा घनश्याम द्विवेदी निवासी जवई थाना पिपरी का मिला। घनश्याम के स्थानीय होने के नाते पुलिस तत्काल उसके घर पहुंची तो लोगों ने बताया कि मृतक नरेंद्र यहां आया था। घनश्याम भी पानीपत में रहकर कमाता था। सोमवार रात करीब दस बजे वह लोग कार से कहीं निकले थे। इसके बाद सुबह नरेंद्र का शव मिला, लेकिन घनश्याम का कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने के खेतों में तलाश की लेकिन घनश्याम का कोई सुराग नहीं मिला।


आखिर किसकी थी लेडीज चप्पल


कार की छानबीन के दौरान उसमें एक जोड़ी मर्दाना व एक जोड़ी जनाना चप्पल मिली। जबकि गांव के लोगों के अनुसार घनश्याम व नरेंद्र यहां से अकेले ही निकले थे। ऐसे में सवाल है कि ग़ाड़ी में वह कौन महिला थी जिसकी चप्पल बरामद हुई। फिलहाल पुलिस इस बारे में कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।

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भाभी पर शक, पर बताया गया कि वह पानीपत में है
घनश्याम के पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उसका अपनी भाभी से करीबी रिश्ता बन गया था। वह भाभी को लेकर पानीपत में रहता था। जबकि महिला का पति गांव में रहता है। सूत्रों के अनुसार घटना के बाद महिला के पति ने पानीपत में ही रहने वाले अपने बेटे को फोन करके उसकी मां के बाबत पूछा तो उसने बताया कि वह सुबह पानीपत में देखी गई।


हरियाणा से ही गाड़ी लेकर आया था नरेंद्र
नरेंद्र व घनश्याम हरियाणा से ही कार लेकर आए थे। कार पर एचआर-10-डब्लू-5893 नंबर लिखा था। पुलिस गाड़ी नंबर के आधार पर उसके मालिक को ट्रेस कर रही है। पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि गाड़ी किसी ट्रैवेल्स से बुक की गई है या फिर नरेंद्र या घनश्याम उसके असल मालिक हैं। हो सकता है कि नरेंद्र यहां दोस्ती की खातिर आया हो।


आखिर नरेंद्र से क्या हो सकती है दुश्मनी
नेवादा। नरेंद्र के कत्ल की कहानी काफी उलझी हुई लग रही है। नरेंद्र घनश्याम के साथ आया था। घनश्याम से अगर उसकी कोई दुश्मनी होती तो वह उसे हरियाणा या फिर बीच रास्ते में ही कहीं मार सकता था। रहा सवाल घनश्याम का तो उसकी यहां भाभी से करीबी के कारण भाई से अनबन थी। लेकिन नरेंद्र की लाश मिलना और घनश्याम का लापता होना, गाड़ी में लेडीज चप्पल का मिलना तमाम सारे सवाल पैदा कर रहे हैं।


आखिर किसका इलाज कराने आया था घनश्याम
हरियाणा के पानीपत निवासी नरेंद्र की हत्या के बाद से लापता घनश्याम की तलाश को लेकर पुलिस की गुत्थी उलझती जा रही है। छानबीन के दौरान पता चला कि सोमवार रात आठ बजे तक नरेंद्र, घनश्याम, जवई का सुशील पाठक, तिल्हापुर का शिवपूजन एक साथ देखे गए थे। वह लोग रात आठ बजे तिल्हापुर में निजी अस्पताल संचालक डॉ. निसार के अस्पताल में नाश्ता कर रहे थे। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। डॉ. निसार ने पुलिस को बताया कि 15 दिन पहले घनश्याम एक युवती को लेकर इलाज कराने आया था। युवती बोलचाल में छत्तीसगढ़ की लग रही थी। फिलहाल, पुलिस ने सुशील पाठक को हिरासत में लेकर पूछताछ शु्रू कर दी है। सुशील यह तो बता रहा है कि लड़की का नाम काजल था, लेकिन वह कहां की रहने वाली थी इस बाबत कुछ नहीं बोल पा रहा है।


17 साल पहले घनश्याम के मां-बाप की हो चुकी है हत्या
नरेंद्र की हत्या व घनश्याम के अचानक लापता हो जाने के मामले ने अपने पीछे तमाम सारे सवाल छोड़ रखे हैं। इसे लेकर पुलिस को खुलासे की सही दिशा नहीं मिल पा रही है। पहला यह है कि करीब 17 साल पहले रंजिश में घनश्याम के मां-बाप की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। दोहरे हत्याकांड में गांव के लोग जेल गए। दूसरा यह है कि घनश्याम का भाभी से करीबी रिश्ता। इसकी वजह से आठ बीघे जमीन का बटवारा नहीं हो पा रहा था। इसके अलावा सबसे अहम यह कि काजल नाम की कौन सी लड़की है जिसका घनश्याम डॉ. निसार के यहां हर पखवाड़े इलाज कराने के लिए आया करता था। इतना ही नहीं नरेंद्र की हत्या कर अगर कार लूटने का इरादा होता तो यह वारदात हरियाणा से लेकर कौशाम्बी तक में कहीं पर भी अंजाम दी जा सकती थी।


मृतक नरेंद्र के घरवालों को खबर दे दी गई है। वह लोग कौशाम्बी के लिए रवाना हो चुके हैं। अब तक यह भी नहीं पता चल सका कि घनश्याम पानीपत में कहां पर काम करता था। डॉ. निसार के यहां सीसीटीवी में नरेंद्र व घनश्याम के साथ जो एक व्यक्ति दिख रहा है उसका मोबाइल भी स्वीच ऑफ बता रहा है। पुलिस कई बिंदुओं से मामले की जांच कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। -श्यामकांत, सीओ चायल

Young man strangled to death in Pipri, partner missing- फोटो : KAUSHAMBI

 

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