बड़हरी गांव में नाव से मोटर साइकिल लेकर जाता युवक। संवाद
यमुना के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दिखने लगा है। बीते 24 घंटों में यमुना का जलस्तर लगभग दो मीटर बढ़ा है, हालांकि यह खतरे के निशान से अभी सात मीटर दूर है। मौसम विभाग और सिंचाई विभाग के अनुसार, पंजाब और पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़ा गया पानी यमुना में पहुंच रहा है जिससे नदी का पानी बढ़ रहा है।
सिंचाई विभाग ने शनिवार को 86.5 मीटर और रविवार सुबह छह बजे 88.60 मीटर जलस्तर दर्ज किया। इसका सीधा असर पश्चिमशरीरा के बड़हरी गांव और आसपास के तराई क्षेत्र के गांवों पर पड़ा है। बन्नई नदी के रास्ते बड़हरी गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है जिससे गांव को जोड़ने वाली सड़क जलमग्न हो गई है। ग्रामीण आवागमन के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। बड़हरी गांव में नाव का उपयोग करते ग्रामीण दिखाई दे रहे हैं।
इसके अलावा भवनसुरी, पभोषा, चकपिपरहटा और मल्हीपुर जैसे गांवों में भी यमुना का पानी बस्ती से केवल 20 फिट दूर है। ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर रखी हुई है। एसडीएम एसपी वर्मा ने बताया कि लेखपालों से लगातार जलस्तर की जानकारी ली जा रही है और जरूरत पड़ने पर आपात कार्रवाई की तैयारी पूरी है। वहीं सिंचाई विभाग के अभियंता जगदीश लाल ने अगले एक दो दिन तक पानी बढ़ने की बात कही है।
- यदि जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचता है, तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल प्रशासन और ग्रामीण मिलकर स्थित पर नजर रख रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार पूरी है। - एसपी वर्मा, एसडीएम सदर