कमालपुर गांव के शशि प्रकाश की शादी उसके करीबी व रिश्तेदारों में शामिल चार परिवारों को जीवन भर का दर्द दे गई। बरात में शामिल बस पर सवार चार लोगों के मौत की मनहूस खबर के बाद खुशियां मातम में बदल गईं। शशि के घर पर जहां मंगलगीत गाए जा रहे थे, वहां से चीत्कार की सुनाई देने लगी। वहीं मौत के शिकार चार लोगों के घरों में भी कोहराम मच गया। मंगलवार की देर रात जैसे ही बस हादसे की मनहूस खबर परिजनों को मिली तो वह फतेहपुर रवाना हो गए।
कड़ाधाम कोतवाली के कमालपुर निवासी रामहित के बेटे शशि प्रकाश की बरात मंगलवार को फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली के महटेनी गांव जा रही थी। बरात में चार पहिया वाहन के अलावा एक स्कूली बस भी बुक थी। बस में करीब 40 लोग सवार थे। बस जैसे ही हुसैनगंज कोतवाली के रामपुर मोड़ के पास पहुंची तभी सामने चल रही ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गई।
टक्कर इसकी जोरदार थी कि बस के परखचे उड़ गए। घटना के बाद बस अनियंत्रित होकर खाई में चली गई। इस दौरान मची चीख-पुकार के बाद पहुंचे राहगीरों ने पुलिस को खबर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस सवार गंभीर रूप से जख्मी 16 लोगों को इलाज के लिए फतेहपुर के अस्पताल भेजा।
यहां कड़ा कोतवाली के सौरई बुजुर्ग निवासी सुमित (12), कमालपुर के रामपाल सरोज, कैमा के श्यामलाल और दारानगर के शिवराम की मौत हो गई थी। वहीं शशि प्रकाश के घर पर भी मातम छा गया। जिन परिवारों ने अपनों को खोया, उनके लिए यह वैवाहिक कार्यक्रम जिंदगी भर का दर्द बन गया था। परिवार के लोग देर रात ही फतेहपुर रवाना हो गए थे। बुधवार दोपहर बाद शव गांव पहुंचे तो मातम पसर गया। हर तरफ रोने की आवाज सुनाई दे रही थी।
धरा रह गया पकवान, सादे समारोह में पूरी हुई रश्म
कमालपुर के शशि प्रकाश व उसकी पत्नी रोशनी को अपनी शादी ताउम्र नहीं भूलेगी। शशि के पिता रामहित पेशे से चिकित्सक हैं। शशि की शादी रामहित ने महटेनी गांव निवासी रामबाबू की बेटी रोशनी से तय की थी। उन्होंने शादी में दहेज नहीं लिया था। कन्या पक्ष ने बरात के भव्य स्वागत की तैयारी की थी। बस सवार चार लोगों की मौत व 12 से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर होने की खबर से किसी के मुंह में निवाला नहीं गया। सिर्फ किसी तरह विवाह की औपचारिकता पूरी की गई। यहां तक वर व कन्या ने भी रात को कुछ नहीं खाया। वह अपनों के गम में आंसू बहाते रहे।
बेटे की मौत पर फूट-फूटकर रोया केशन
सौरई बुजुर्ग निवासी केशन लाल का छोटा भाई दूल्हे के पिता रामहित का साढ़ूू है। मौसेरे भाई की शादी को लेकर केशन का बेटा सुमित काफी प्रसन्न था। पेंटर का काम करने वाले केशन से जब उनके बेटे सुमित (12) ने बरात जाने की जिद की तो वह मना नहीं कर सके। छठवीं क्लास में पढ़ने वाले बेटे सुमित के लिए नए कपड़े मंगवाए गए। मंगलवार रात कमालपुर से ही सज-धजकर सुमित बस से सवार होकर बरात के लिए निकला और कुछ ही घंटे में उसकी मौत की खबर आ गई। सुमित की मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम है। सुमित चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। उसकी मौत पर पिता केशनलाल फूट-फूट कर रोया।
तिलक लगाकर हुए विदा, घर आई मौत की खबर
दारानगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक शिवराम दूल्हे शशि प्रकाश के रिश्तेदार थे। मंगलवार को बरात विदा होते वक्त दूल्हे के घरवालों ने उन्हें तिलक लगाकर विदा किया था। बस हादसे में उनके मौत की खबर ने सबकों झकझोर दिया। शिवराम अपने पीछे तीन बेटे अनिल, सुनील व अभिषेक का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
हादसे में मारे गए लोगों की जानकारी पर प्रशासन अलर्ट
कड़ा। बरात में हुए हादसे में मारे गए जिले के लोगों की जानकारी के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। बुधवार को सिराथू तहसील के कर्मियों ने मृतकों के घर जाकर जानकारी जुटाई। किसी को किसान बीमा तो किसी को अन्य दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाने के लिए तहसील प्रशासन प्रयास कर रहा है।
बरात में शामिल 12 लोगों की हालत नाजुक
बरात में शामिल औरेनी गांव के गुड्डू की हालत नाजुक बनी हुई है। गुड्डू को इलाज के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने एसजीपीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। इसी तरह राजेश, नरेश, धीरेंद्र सहित अन्य आठ लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
लापरवाही : जिस बस में हुई चार बरातियों की मौत, उसका नहीं था फिटनेस
फतेहपुर में हुए हादसे में चार बरातियों की मौत के बाद छेदीलाल राजाराम साहू इंटर कॉलेज की बस का फिटनेस प्रमाण पत्र और बीमा तक नहीं था। घटना की जानकारी के बाद एआरटीओ ने फतेहपुर पुलिस से घटना में दर्ज एफआईआर की कॉपी मांगी है। एआरटीओ का कहना है रिपोर्ट आने के बाद नियम के खिलाफ संचालित की जा रही बस व संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कमालपुर गांव निवासी रामहित के बेटे शशि प्रकाश की बरात मंगलवार को फतेहपुर के महटेनी गांव गई थी। बरातियों को ले जाने के लिए उन्होंने गांव स्थित छेदीलाल राजाराम साहू इंटर कॉलेज की बस बुक की थी। यह बस रोजाना स्कूली बच्चों को घर से लाने ले जाने का काम करती थी।
बस में क्षमता से ज्यादा 40 बराती सवार हुए थे। जैसे ही बस सुल्तानपुर घोष कोतवाली के हुसैनगंज के समीप पहुंची तभी सामने ट्रैक्टर ट्राली से टकरा गई। घटना में बस सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग जख्मी हुए। इसकी जानकारी पर एआरटीओ तारकेश्वर मल्ल ने बस के कागजातों की जांच कराई तो मालूम चला कि बस का परमिट समाप्त हो चुका है।
बस मालिक को इसके लिए पहले नोटिस भी भेजा गया था। इसके अलावा नंबर के आधार पर जांच कराने में पता चला कि बस का बीमा भी नहीं है। एआरटीओ ने बताया स्कूल लिए पंजीकृत बस का इस्तेमाल बुकिंग आदि में नहीं होता है। बस मालिक की लापरवाही सामने आ रही है। रिपोर्ट आने के बाद बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिर सुर्खियों में आए सपा नेता विक्की साहू
विधानसभा चुनाव के दौरान ईवीएम को लेकर जिलाधिकारी सुजीत कुमार से बहस कर सुर्खियों में आए सपा नेता फिर चर्चा में हैं। उन्होंने प्रशासन पर ईवीएम अदला-बदली का आरोप लगा कर डीएम की गाड़ी चेक की थी। मतगणना परिणाम आने के बाद विक्की के पेट्रोल पंप पर छापेमारी कर प्रशासन ने कार्रवाई की थी। अब विक्की के भाई राजेंद्र साहू के नाम से संचालित स्कूल की गाड़ी सुर्खियों में है। हादसा की शिकार बस में चार लोगों की मौत हुई है। प्रशासन अब बस की जांच करा रहा है।
Witnesses had gone to become happiness, wretched news came home- फोटो : KAUSHAMBI
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