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Kaushambi News: 24 घंटे तक जब नहीं मिली फूटी कौड़ी तो फूट पड़ा आक्रोश

Mon, 26 Feb 2024 08:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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मृतक शिवनारायण के परिजनों को समझाती पुलिस। संवाद
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24 घंटे तक जब नहीं मिली फूटी कौड़ी तो फूट पड़ा आक्रोश
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अंबहा में शव रखकर करीब डेढ़ घंटे तक हुआ विरोध, दोपहर बाद चमंधा में लोगों ने जताई नाराजगी

पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता संग परिवार के एक सदस्य को संविदा में नौकरी की उठाई मांग
फोटो नं-11
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। भरवारी के खल्लाबाद स्थित पटाखा फैक्टरी में हादसे के 24 घंटे बाद भी जब पीड़ित परिजनों को मदद के नाम पर फूटी कौड़ी भी नहीं मिली तो आक्रोश फूट पड़ा। अंबहा और चमंधा में मृतकाें के परिजनों ने अंतिम संस्कार से रोक दिया और विरोध करने लगे। किसी तरह पुलिस-प्रशासन ने समझाबुझा कर इन्हें शांत कराया।
अंबहा निवासी श्रमिक शिवनारायण, शिवांकात और अशोक कुमार के शव लेकर परिजन व स्थानीय लोग अंतिम संस्कार के लिए निकले। घरों से निकलने के बाद मोहल्ला स्थित बसंती माता मंदिर के पास तीनों शव रखकर परिजन मुआवजे की मांग को लेकर विरोध करने लगे। बृजेश कुमार, शिवलाल पटेल, दीनानाथ, शिवमंगल, शिवबरन, हरिश्चंद्र आदि ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों ने बताया कि घटना के शिकार हुए सभी श्रमिक बेहद गरीब परिवारों से हैं। हादसे को 24 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक शासन-प्रशासन की ओर से मदद के नाम पर कुछ नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सांसद विनोद सोनकर ने दो-दो लाख रुपये मदद दिलाने की बात कही है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। लोगों ने मांग उठाई कि मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और नगर पालिका परिषद में एक सदस्य को नौकरी दिलाई जाए। ताकि, इनके परिवार का गुजारा हो सके। करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा और गहमागहमी का माहौल रहा। फिर एडीएम एफआर अरुण कुमार गोंड अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचे। उचित मुआवजा दिलाने का भरोसा दे लोगों को समझाबुझा कर शांत कराया।
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20 लाख रुपये मदद और सरकारी नौकरी की उठाई मांग
विस्फोट में जान गंवाने वाले चमंधा निवासी सोनेलाल और हरिलाल के परिजनों ने भी अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। शोभा, प्रीती समेत मृतकों के अन्य परिजन 20 लाख रुपये आर्थिक मदद और परिवार के एक शख्स को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग कर रहे थे। एसडीएम सिराथू महेश श्रीवास्तव व सीओ सिराथू अवधेश विश्वकर्मा ने आक्रोशित परिजनों से बातचीत की। कहा कि नौकरी और मुआवजा देना प्रशासन के हाथ में नहीं है। मांग को शासन तक पहुंचाया जाएगा। उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए।
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