weamen colided police after baricading at karbala gate in manjhanpur
- फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। शुक्रवार को करबला में ताजिया दफन करने को लेकर कोतवाली पुलिस ने महिलाओं की तीखी नोंकझोक हो गई। मामला बिगड़ता कि इससे पहले पुलिस ने संभ्रातों की मदद से सभी को समझाबुझाकर किसी तरह से शांत किया। इसे लेकर घंटे भर तक तनातनी का माहौल रहा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार दसवीं मोहर्रम पर करबला में ताजिया दफन करने व जुलूस निकालने पर पाबंदी लगाई गई थी।
भीड़ एकत्र नहीं हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने करबला का मेन गेट भी बंद करा दिया था। लेकिन शुक्रवार की दोपहर अचानक बड़ी संख्या में महिलाएं करबला के गेट पर पहुंच गई। सभी करबला में घुसने का प्रयास कर रही थी। सदर कोतवाल मनीष पांडेय ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया तो वह भड़क गई। सभी करबला में घुसने की जिद पर अड़ी थी। महिलाएं एक समुदाय को पीछे के दरवाजे से प्रवेश देने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगी। पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार करने पर महिलाओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया। माहौल भांपकर कोतवाल ने स्थानीय संभ्रांत नागरिकों को बुलवाया और बातचीत कर किसी तरह से सभी को शांत कराकर वापस भेजा। इस दौरान तकरीबन घंटे भर तक नोकझोंक के साथ ही तनातनी बनी रही।
मातम के दौरान ट्यूबलाइट लगने से जख्मी हुआ बालक
अजुहा। कस्बे में दसवीं के मोहर्रम में मातम के दौरान वार्ड नंबर सात निवासी असद के दस वर्षीय बेटा अरबाज जख्मी हो गया। उसके गले में ट्यूब लाइट का टुकड़ा घुस गया। आननफानन उसे स्थानीय निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया। हालत बिगड़ती देख डॉक्टर ने अरबाज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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