माह-ए-रमजान में रोजेदार दिनभर भूखे-प्यासे रहकर इबादत कर रहे हैं। बढ़ते तापमान और तेज धूप के बीच इफ्तारी के समय तरबूज सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। बाजार में इन दिनों महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से आ रहा तरबूज लोगों की भूख और प्यास शांत कर रहा है।
फल विक्रेता राजू केसरवानी ने बताया इस समय आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र का तरबूज बाजार में उपलब्ध है। इसका रंग लाल और स्वाद काफी मीठा है, इसलिए रोजेदार इसे ज्यादा खरीद रहे हैं।
दिनभर रोजा रखने के बाद जब इफ्तारी में तरबूज खाते हैं तो शरीर को तुरंत ताजगी मिलती है। इससे प्यास शांत हो जाती है और थकान भी कम महसूस होती है। - मौलाना सैयद जमीर हैदर रिजवी
इफ्तारी के समय तरबूज जरूर रखता हूं। यह हल्का होता है, बच्चों को भी पसंद आता है और गर्मी में शरीर को ठंडक देता है। रोजा खोलने के बाद इससे बेहतर कुछ नहीं लगता। -अनवर अली रोजेदार
तरबूज में प्रचुर मात्रा में पानी, विटामिन-ए और सी के साथ खनिज तत्व पाए जाते हैं। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। - हैदर अब्बास रिजवी, रोजेदार
तरबूज में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक पानी होता है, जो शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है। इसमें मौजूद पोटैशियम और अन्य खनिज तत्व शरीर का संतुलन बनाए रखते हैं। रोजेदार यदि इफ्तारी में सीमित मात्रा में तरबूज का सेवन करें तो उन्हें ताजगी मिलेगी। -डॉ. बद्री विशाल अग्रवाल, सीएचसी अधीक्षक, करारी
अनवर अली रोजेदार
अनवर अली रोजेदार
अनवर अली रोजेदार