जिला कचहरी में पानी की समस्या दूर करने के लिए नगर पालिका की ओर से सात लाख रुपये की लागत से वाटर कूलर लगाने की योजना थी, लेकिन दस महीने बाद भी यह कार्य अधूरा पड़ा है। ऐसे में अधिवक्ता व वादकारियों को काफी परेशानी होती है।
नगर पालिका ने कचहरी परिसर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाटर कूलर लगाने का कार्य शुरू कराया था। उम्मीद थी कि गर्मी से पहले यह व्यवस्था पूरी हो जाएगी, लेकिन निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। इसके चलते कचहरी आने वाले लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि कचहरी में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर होती जा रही है।
:: जिला कचहरी में रोज बड़ी संख्या में वादकारी और अधिवक्ता आते हैं। गर्मी के मौसम में पेयजल की व्यवस्था न होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। नगर पालिका को जल्द वाटर कूलर का निर्माण कार्य पूरा कर इसे चालू कराना चाहिए। - अंकित त्रिपाठी, उपाध्यक्ष
:: करीब दस महीने पहले वाटर कूलर लगाने का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की समस्या और गंभीर हो गई है। जल्द व्यवस्था न होने पर लोगों को और दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। - शशि प्रताप त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष
:: जिला कचहरी में वाटर कूलर का निर्माण कार्य सुस्त होने पर पालिकाध्यक्ष से बात की गई है। इस दौरान जानकारी मिली की मशीन आ गई जल्द ही निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। - दिलीप कुमार पांडेय, अध्यक्ष बार एसोसिएशन।
जिला कचहरी के लाइब्रेरी हॉल के सामने निर्माणाधीन वाटर कूलर। संवाद
जिला कचहरी के लाइब्रेरी हॉल के सामने निर्माणाधीन वाटर कूलर। संवाद