कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय सलाहकार समिति एवं आरसेटी की बैठक हुई। इसमें सबसे पहले एडीएम ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। इस दौरान केनरा एवं यूको बैंक का ऋण जमानुपात मानक से कम मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। चेतावनी जारी करने तथा संबंधित बैंक अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर मानक के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी जयचंद्र पांडेय ने सभी बैंकर्स से कहा कि विभिन्न योजनाओं के लंबित ऋण आवेदनों को शीघ्र निस्तारित कर दिया जाए। कोई साथ ही जो ऋण आवेदन स्वीकृत हो गए हैं, उन्हें शीघ्र वितरित कर दिया जाए।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, पीएम स्वनिधि योजना, एक जनपद-एक उत्पाद एवं स्वयं सहायता समूह आदि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान ऋण आवेदनों को शीघ्र निस्तारित करने तथा स्वीकृत आवेदनों को वितरित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एलडीएम जितेन्द्र चौधरी ने बताया कि फसली ऋण एवं किसान क्रेडिट कार्ड के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में अब तक कुल 86,618 खाते खोले गए, मत्स्य पालन केसीसी के तहत विभिन्न बैंकों में 83 आवेदन प्रगति पर हैं। पशुपालन केसीसी के तहत 1641 आवेदन स्वीकृत और 505 विभिन्न बैंकों में प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत विभिन्न बैंको द्वारा अब तक 62 ऋण आवेदन व मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत 15 ऋण आवेदन स्वीकृत किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 6880 के सापेक्ष अब तक 210 समूहों के खाते खोले जा चुकें है। बैठक में एसडीएम सिराथू/परियोजना आधिकारी डूडा मनीष यादव,डीडीओ विजय कुमार एवं सहायक महाप्रबंधक नाबार्ड अनिल शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी रहे।