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मनमानी की भेंट चढ़ी स्वजलधारा योजना

Sat, 31 Jan 2015 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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मंझनपुर। कौशाम्बी में स्वजलधारा योजना अफसरों और ग्रामीण पेयजल स्वच्छता समिति की मनमानी की भेंट चढ़ गई है। इसकी ही बानगी कसेंदा गांव में देखने को मिलती है। जहां पांच पेयजल टंकी और पाइप लाइन बिछाने को 20 लाख रुपये अवमुक्त किए गए थे। पर, दो साल बाद भी सिर्फ दो टंकियों का ही निर्माण हो सका है। ग्रामीणों ने तीन टंकी की रकम डकारने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत डीएम से की है। डीएम ने जिला विकास अधिकारी को को जांच का निर्देश दिया है।
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विकास खंड चायल के कसेंदा गांव के रहने वाले राजू इकबाल, विनय सिंह यादव, राजकुमार, श्रवण, अजय कुमार, रमेशचंद्र, फूलचंद्र, विजय कुमार, अशोक कुमार, सुनील कुमार, विनोद सिंह, रामलखन आदि ने बताया कि उनके गांव में दो साल पहले स्वजलधारा योजना के तहत पानी की पांच टंकियों का निर्माण कराने की स्वीकृति मिली थी। इसके लिए ग्रामीण पेयजल स्वच्छता  समिति के खाते में 20 लाख रुपये अवमुक्त किया गया था। लोगों ने बताया कि इस पैसे से  बोरिंग कराकर 10-10 हजार लीटर क्षमता की पांच टंकियां बनानी थी।

साथ ही समर्सिबल पंप से पाइप लाइन की माध्यम से घर-घर पानी की सप्लाई की जानी थी। पंपों को चलाने के लिए जनरेटर की भी व्यवस्था की जानी थी। ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अफसर और ग्रामीण स्वच्छता समिति के पदाधिकारियों की मनमानी के कारण अब तक गांव में सिर्फ दो पेयजल टंकियों का निर्माण कराया जा सका है। तीन पेयजल टंकियों का निर्माण नहीं कराया गया। इससे पानी की समस्या से ग्रामीणों को जूझना पड़ता है। आरोप है कि तीन टंकियों के निर्माण की रकम का समिति के पदाधिकारियों ने डकार ली है।
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आरोप है कि जिला विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी से शिकायत भी की गई। फिर भी कार्रवाई नहीं की गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मामले की शिकायत ग्राम्य विकास मंत्री और जिलाधिकारी से की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला विकास अधिकारी को जांच करने का निर्देश दिया है। डीडीओ महेंद्र तिवारी का कहना है कि जांच की जाएगी। गड़बड़झाला सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

स्वजलधारा के पेयजलपम्पों के संचालन के लिए जनरेटर की खरीद-फरोख्त में भी गड़बड़झाला किया गया है। आरोप है कि कमीशन के चक्कर में घटिया मानक के जनरेटर पम्पों में लगाए गए थे। पम्प चलाते ही जनरेटर जल गए थे। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की है। डीएम ने डीडीओ को जांच करने का निर्देश है।
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