नेवादा (ब्यूरो)। चायल तहसील क्षेत्र के घोसी गांव के ग्रामीण निर्माणाधीन पुल में बरती गई अनियमितता को लेकर पांच दिन से धरने पर हैं। आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण में मनमानी की जा रही है। धरने पर बैठे ग्रामीणों की सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।
बारिश के दिनों में ससुर खदेरी नदी उफान पर आ जाती है। इसके चलते घोसी व बजहा गांव के बीच का संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों को वोट के सहारे नदी पार करना पड़ता है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए नदी पर साढ़े चार सौ मीटर पुल निर्माण को मंजूरी दी गई। धनराशि मिलने के बाद कार्यदायी संस्था ने निर्माण शुरू कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने साढ़े चार सौ मीटर पुल निर्माण के प्रस्ताव को कम करते हुए दोनों ओर से पचास-पचास मीटर कम करते हुए निर्माण करा दिया।
इसके चलते बाढ़ के दिनों में ग्रामीणों को पुल पर पहुंचने के लिए पानी से होकर जाना पड़ेगा। संस्था की मनमानी के खिलाफ निर्माणाधीन पुल पर धरना दे रहे ग्रामीणों की सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। पूर्व ग्राम प्रधान दयाशंकर सिंह विस्मार्क की अगुवाई में जारी धरने में रामबाबू, केसरवानी, गुलजार सिंह, मासूक अहमद बचऊलाल, बचऊ, सबल सिंह, कुलदीप सिंह, सर्फराज अहमद, जितेंद्र पाल अफसार अहमद, कक्का, कल्लू, हाफिज मियां, मो. साजिद समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।