तहसील क्षेत्र के रनिहापर गांव के लोग रास्ते के लिए परेशान हैं। गांव में आने जाने के लिए बनाया गया खड़ंजा तालाब के पानी से कट गया है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसी बात को लेकर मंगलवार को दर्जनों ग्रामीणों ने होकर तहसील पर प्रदर्शन किया और रास्ता बनाने की मांग की।
ग्रामीणों ने तालाबी नंबर में मछली पालन के लिए आवंटित होने वाले पट्टे का भी विरोध किया है।
रनिहापर निवासी रंजीत पाल, प्रदीप कुमार, छेदी लाल, नीरज, पिकेश, विनोद सेन, सुधीर पाल, लवकुश पाल, सुनील, शिव प्रकाश, शिवमूरत लालचंद्र आदि लोगों ने बताया कि उनके गांव में अंदर जाने के लिए बिछाया गया खड़ंजा तालाब के पानी के कारण कट गया है।
इससे गांव के लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतें होती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बीच मे स्थित तालाबी नंबर में मछली पालन का पट्टा आवंटित होने के कारण समस्या बढ़ गई है। मछलियां तालाब के किनारे की मिट्टियां काट देती है, इससे रास्ता और मकान ध्वस्त हो जाते हैं।
बरसात के समय में तालाब का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। ग्रामीणों ने तहसील में प्रदर्शन कर तालाबी नंबर पर आवंटित होने वाले मछली पालन के पट्टे को निरस्त कर रास्ता बनाने की मांग की है। एसडीएम ज्योति मौर्या ने मौके का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों को समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया।
तालाब के पानी से बढ़ती है बीमारी, उठती है दुर्गंध
तहसील परिसर में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव के बीच मे स्थित तालाब का पानी काफी पुराना है। तालाब की साफ सफाई नहीं होने से गांव में बीमारी बढ़ती है। इसके साथ ही तालाब में पाली गई मछलियों के कारण पूरे गांव के दुर्गंध उठती है। इससे गांव में लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण चाहते हैं कि उनके गांव के इस तालाब में मछली पालन के लिए पट्टा न आवंटित किया जाए।