टीईटी परीक्षा लीक प्रकरण में रंगेहाथ पकड़े गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त लैब टेक्नीशियन (एलटी) को मंगलवार देर शाम निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा एलटी के अन्य कारनामों की जांच कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मूलत: चित्रकूट जिले के बसवार गांव निवासी रोशन सिंह पटेल वर्ष 2008 में स्वास्थ्य विभाग में एलटी के पद पर नियुक्त है। नौकरी में आने के बाद से ही स्वास्थ विभाग से मिलने वाली पगार से उसका मन नहीं भरता था। रोशन के साथियों के अनुसार वह बहुत महत्वाकांक्षी था। सड़क व बालू की ठेकेदारी में कदम रखने के बाद उसने खूब पैसा कमाया।
बाद में प्रयागराज के झलवा में किराए का फ्लैट लेकर अपना नेटवर्क फैलाने लगा। अस्पताल में वह सिर्फ महीने में एक बार हस्ताक्षर बनाने के लिए आता था। विभाग के अफसर भी उस पर मेहरबान थे। अफसरों की शह पर वह बिना ड्यूटी किए बराबर वेतन निकालता था। अब सॉल्वर गैंग में रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद खासकर रोशन के करीबियों की नींद उड़ी है।
मामले में सीएमओ डॉ. केसी राय का कहना है कि रोशन के गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। मंगलवार को उसे निलंबित कर दिया गया है। रहा सवाल बिना नौकरी के वह कैसे वेतन निकाल रहा था तो इसकी जांच कराई जाएगी। विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
टीईटी पेपर लीक प्रकरण : कई और नाम आएंगे सामने
शिक्षक पात्रता परीक्षा के पेपर लीक मामले में जिले के अभी कई और लोगों के शामिल हैं। यह कुबूलनामा सॉल्वड कॉपी के साथ पकड़े गए रोशन पटेल ने किया है। माना जा रहा है जल्द ही एसटीएफ जिले में एक बार फिर दस्तक दे सकती है। वहीं, स्थानीय पुलिस भी अपने स्तर से पूरे घटनाक्रम पर निगाह रखे हुए है। तमाम संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा चुकी है। हालांकि, पुलिस अफसर इस बाबत कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा में लैब टेक्नीशियन पद पर तैनात रोशन पटेल को एसटीएफ व कोखराज पुलिस की संयुक्त टीम ने भरवारी स्थित एक परीक्षा केंद्र के पास से गिरफ्तार किया था। उसके पास से सॉल्वड पेपर बरामद हुआ था। रोशन ने अपने दो साथियों के नाम बताए थे, जिनकी मदद से उसने पेपर हासिल किया। हालांकि वह लोग पकड़े नहीं गए।
कोखराज पुलिस ने रोशन सहित तीन नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार रोशन ने जिले के कई ऐसे लोगों का नाम उजागर किया है जिसे उसने पेपर बेचा है। इसके बाद उन लोगों ने भी व्हाट्सएप या फोटो कॉपी के जरिए दूसरों तक पेपर पहुंचाया है। रोशन के इस कुबूलनामे के बाद एसटीएफ ने जिले के अलावा फतेहपुर व चित्रकूट के कुछ लोगों की पूरी सूची तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि जल्द ही एसटीएफ जिले में फिर से दस्तक दे सकती है।
वहीं पुलिस विभाग के एक अफसर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि चूंकि पूरा मामला एसटीएफ देख रही है, इसलिए कोई जल्दबाजी नहीं की जा रही है। लेकिन, स्थानीय स्तर पर खुफिया विभाग व एसओजी लगातार काम कर रही है। कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है।