बृहस्पतिवार से शुरू हुई यूपी बोर्ड परीक्षा को जिले में नकल विहीन कराने का दावा पहले दिन ही धड़ाम होता दिख रहा है। बृहस्पतिवार देर रात सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो ने शिक्षा महकमे में भूचाल ला दिया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग बोर्ड परीक्षा की कॉपी व पेपर लेकर एक घर में लिखते दिख रहे हैं।
वायरल वीडियो संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा में बृहस्पतिवार को जिले के 80 केंद्रों में प्रथम पाली हाईस्कूल व दूसरी पाली इंटर में मातृभाषा हिंदी का पेपर था। सारा दिन अफसर केंद्रों का भ्रमण करके नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने का दावा करतेे रहे। इस बीच बृहस्पतिवार रात ही सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ।
वायरल वीडियो में कुछ लोग एक घर में बोर्ड परीक्षा की कॉपी लिखते दिख रहे हैं। वायरल वीडियो सिराथू तहसील इलाके के एक गांव का बताया जा रहा है। इसी गांव में बोर्ड परीक्षा का केंद्र भी बना है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने आननफानन जांच कराने का निर्देश दिया। डीएम का कहना है कि वायरल वीडियो के बाबत जानकारी है। वीडियो जिले का है या कहीं और का? इसकी सही जानकारी के लिए जांच का निर्देश दिया गया है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
30 हजार में कॉपी लिखने का खेल
नकल मंडी के रूप में कुख्यात कौशाम्बी के शिक्षा माफिया एक बार फिर प्रशासन को गच्चा देने में कामयाब हो गए। केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की माफिया ने काट निकाल ली है। अब एक छात्र को पास कराने के लिए 30 हजार रुपये सुविधा शुल्क वसूल कर बाहर सॉल्वर बैठाकर कॉपी लिखाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार माफिया जिस बच्चे को पास कराने का ठेका लेते हैं वह परीक्षा केंद्र में सिर्फ कॉपी लेकर बैठा रहता था। जबकि, उसकी कॉपी बाहर सॉल्वर लिख रहे होते हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद कक्षा में बैठे छात्र की मूल कॉपी लेकर उसके स्थान पर बाहर से लिखी कॉपी दाखिल कर दी जाती है।