मंझनपुर/सिराथू। यौन शोषण मामले में फंसे सपा नेता पर कार्रवाई में देरी को लेकर मंगलवार को विहिप कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्यालय के सामने हुंकार भरी। चेताया कि कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन, आंदोलन होगा। अपर पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को पीड़िता के घर जाकर उससे पूछताछ की। बयान भी दर्ज कराया गया।
बता दें कि सैनी क्षेत्र की एक युवती ने सपा नेता डॉ अजमल पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। युवती पहले उन्हीं के क्लीनिक में काम करती थी। बाद में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। आरोप है कि सपा नेता ने उसे दूसरी जगह नौकरी दिलाने का झांसा देकर कांशीराम कालोनी मंझनपुर में रखकर करीब छह महीने तक उसके साथ यौन शोषण किया। शनिवार को युवती ने शिकायत एसपी से की थी। दो दिन तक कार्रवाई नहीं होने से इसे लेकर भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। विहिप और भाजपाइयों का आरोप है कि पुलिस सपा नेता को बचाने में जुटी है। सोमवार को सांसद विनोद सोनकर ने आईजी से भी शिकायत की।
आईजी से शिकायत के बाद हरकत में आई कौशाम्बी पुलिस मंगलवार को प्रकरण की जांच में गंभीर दिखी। सुबह ही अपर पुलिस अधीक्षक ओपी पांडेय, महिला पुलिस और सैनी एसओ के साथ पीड़िता के घर गए। पूछताछ करने के बाद पुलिस पीड़िता को यह कहते हुए अपने साथ मंझनपुर ले गई कि समदा में जहां सपा नेता ने उसे रखा था। उसकी भी स्थलीय जांच की जानी है। वहीं समदा स्थित कांशीराम कालोनी की जांच के साथ ही पुलिस कार्यालय लाकर पीड़िता का बयान भी दर्ज कराया गया। वहीं जब इसकी जानकारी हुई कि पीड़िता के बयान के वक्त वहीं आरोपी सपा नेता भी मौजूद हैं, तो इसे लेकर विहिप कार्यकर्ताओं ने एसपी आफिस पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया।
विहिप कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया। चेताया कि जल्द एफआईआर करके आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो कार्यकर्ता आंदोलन छेड़ेंगे। वहीं विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मंझनपुर में हुई बैठक में भी यही मुद्दा छाया रहा। इस मौके पर भक्ति नारायण उपाध्याय, रवींद्र चौरसिया, ओमप्रकाश पांडेय, प्रदीप कुमार मिश्र, देशराज सिंह पटेल, विजेंद्र सिंह पटेल, रामचंद्र, अनिल सिंह, मुन्ना सिंह, कृष्णा द्विेदी, पन्नालाल, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।