विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रभारी डीएम को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया। मांगें पूरी नहीं किए जाने पर कार्यकत्रियों ने केंद्र संचालन बंद करके धरना देने की चेतावनी दी। गर्भवती महिलाओं और छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकत्रियां विभागीय अनदेखी से परेशान हैं। आरोप है कि समस्याओं के संदर्भ में कई बार शिकायतीपत्र भी उच्चाधिकारियों को दिया गया।
इसके बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे खफा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सोमवार को संगठन के बैनर तले कलेक्ट्रेट में पहुंचकर प्रदर्शन किया। काफी देर से धूप में खड़ी होकर कार्यकत्रियां हुंकार भरती है। इसके बाद कार्यकत्रियों ने अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए डीएम सात सूत्रीय ज्ञापन दिया। महिला आंगनबाड़ी संगठन की जिलाध्यक्ष माया सिंह ने बताया कि ज्ञापन में प्राथमिक स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी खाना बनाने के लिए रसोई गैस सिलेंडर और बर्तन की व्यवस्था कराने, कार्यकत्रियों से बीएलओ, जनगणना आदि का काम नहीं लिए जाने, मुख्य सेविकाओं का तबादला किए जाने, केन्द्रों के रखरखाव के लिए अलग से रकम उपलब्ध कराने, बगैर स्पष्टीकरण के सेवा समाप्ति की कार्रवाई नहीं किए जाने, केन्द्रों तक पोषाहार पहुंचाने की व्यवस्था विभाग की ओर से कराने और कार्यकत्रियों को परिषदीय स्कूलों की तरह जून महीने में छुट्टी दिए जाने की मांग की गई है। जिलाध्यक्ष ने कहाकि यदि जल्द मांगे नहीं पूरी हुई, तो उनका संगठन बेमियादी धरना देने के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर सुषमा सिंह, कृष्णा देवी, मंजू देवी, दुर्गा देवी, रेखा देवी, श्यामा यादव, गंगोत्री देवी आदि मौजूद रहीं।