जिले के पांच स्वास्थ्य केंद्रों पर शुक्रवार को 741 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। जो लक्ष्य के सापेक्ष्य 74.8 फीसदी रहा। टीकाकरण के लिए नहीं पहुंचने वाले 259 लोगों को अब 28 व 29 जनवरी को वैक्सीन की डोज दी गई। सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी अपनी टीम के साथ केंद्रों का भ्रमण कर टीकाकरण का जायजा लेते रहे।
जिले में 16 जनवरी को कोरोना टीकाकरण की शुरूआत हुई थी। उस दिन चार सौ के सापेक्ष 362 स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लगवाया था। पहले ही दिन तकरीबन 90 फीसदी लक्ष्य हासिल करने से विभाग काफी उत्साहित था।
दूसरे दौर में शुक्रवार को जिले के सरसवां, नेवादा, चायल, मूरतगंज और कनैली समेत पांच केंद्रों पर कुल 10 सत्रों में एक हजार स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज देने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए सीएमओ के निर्देश पर सभी केंद्रों पर विधिवत तैयारी की गई थी। सभी लाभार्थियों को एक दिन पहले ही एसएमएस के साथ ही टेलीफोन कर सूचना दे दी गई थी।
शुक्रवार की सुबह घने कोहरे के बीच कर्मचारी तो समय से केंद्रों पर पहुंच गए। लेकिन लाभार्थियों के पहुंचने का सिलसिला 11 बजे के बाद से प्रारंभ हुआ। दोपहर 12 बजे के आसपास मौसम साफ होने के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ी। शाम पांच बजे तक पांचों केंद्रों पर 1000 में से 741 लोग टीका लगवाने पहुंचे। जबकि 259 लोग टीकाकरण के लिए नहीं आए।
जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 74.8 फीसदी लाभार्थियों का टीकाकरण हो सका। इस दौरान सीएमओ के साथ ही जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. हिंद प्रकाश मणि ने सभी केंद्रों पर पहुंचकर टीकाकरण का जायजा लिया। हर जगह सामान्य तरीके से टीकाकरण चलता मिला। कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
किस केंद्र पर कितने लाभार्थियों को लगा टीका
विकास खंड लाभार्थी
नेवादा 134
कनैली 160
मूरतगंज 157
सरसवां 152
चायल 138
कुल 741
महिला लाभार्थियों की वजह से घटी संख्या
मंझनपुर। 16 जनवरी को टीकाकरण के पहले दिन मिली अप्रत्याशित सफलता से स्वास्थ्य महकमा काफी उत्साहित था। विभाग का मानना था कि आशंकाओं के बीच जब पहले दिन 90 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया गया तो फिर अब तो काफी हद तक तस्वीर साफ हो चुकी है। तकरीबन सभी को पता चल चुका है कि वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
लेकिन शुक्रवार को नजारा ठीक उल्टा दिखा। 25 फीसदी से ज्यादा लाभार्थी केंद्र तक पहुंचे ही नहीं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. हिंदप्रकाश मणि का कहना है कि इस बार के लाभार्थियों में ज्यादा संख्या आशा बहू, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की थी। इनमें से कुछ का गर्भवती होने के कारण टीकाकरण किया ही नहीं जा सकता है। बहरहाल छूटे लोगों को अभी 28 व 29 जनवरी को टीकाकरण कराने का भी मौका है।
चायल में बीएचडब्ल्यू शैलेंद्र को लगा कोरोना का पहला टीका
चायल। कोविड 19 वायरस की रोकथाम के लिए आयोजित हो रहे टीकाकरण कैंप में शुक्रवार को चायल में बीएचडब्ल्यू शैलेंद्र कुमार को पहला टीका लगाया गया। पहले दिन टीकाकरण के लिए रखे गए दो सौ लोगों के लक्ष्य में मात्र 138 लोगों ने ही कोरोना का टीका लगवाया।
सुबह नौ बजे से आयोजित कैंप शाम पांच बजे तक चला।
इसमें सरकारी स्टाफ सहित निजी अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारी, आशा बहू और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने टीका लगवाया। इनमें से पहले दिन 75 महिलाएं व शेष अन्य पुरुषों को टीका लगाया गया। शाम करीब पांच बजे उमरपुर नीवा गांव की आशा बहू नीतू निषाद को टीका लगा कर कैंप समाप्त किया गया। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मुक्तेश द्विवेदी, संकेत कुमार, मनोज कुमार, आनंद सिंह आदि समेत सभी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
Vaccine users decreased in second cycle- फोटो : KAUSHAMBI