Uproar over the way of sand extraction, villagers surrounded the police post
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चायल। सरायअकिल कोतवाली के तिल्हापुर गांव में भिलोर घाट से यमुना बालू निकासी के लिए रास्ते को लेकर बुधवार को भी ग्रामीण आक्रोशित रहे। नाराज ग्रामीणों ने गांव में बनाए जा रहे रास्ते का विरोध करते तिल्हापुर पुलिस चौकी का घेराव किया। ग्रामीणों ने पट्टाधारक पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान सरायअकिल पुलिस ने रास्ते का विरोध करने वाले छह लोगों को हिरासत में लिया। मामले को लेकर पट्टाधारक और किसानों में तनाव की स्थिति है।
तिल्हापुर गांव से भिलोर घाट से होते हुए बालू निकासी के लिए रास्ते को लेकर कई दिनों से तनातनी की स्थिति है। गांव की ही ऊषा देवी, आकाश कुमार, रामायण यादव आदि लोगों का आरोप है कि स्थगन आदेश के बाद भी पट्टाधारक जबरन उनके खेत मे बोई हुई गेहूं की फसल को रौंद कर रास्ता बना रहा है।
आरोप है कि रास्ते का विरोध करने पर उन पर जबरन पुलिस दबाव बना रही है। पुलिस के इशारे पर विरोध कर रहे किसानों को परेशान किया जा रहा है। बुधवार को भिलोर घाट पर बालू निकासी का आरंभ होना था। इसकी जानकारी होते ही तिल्हापुर गांव के सैकड़ों किसान इकट्ठा हो गए। किसानों ने रास्ते को बंद करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंची सरायअकिल कोतवाली पुलिस ने हंगामा कर रहे छह लोगों को हिरासत में ले लिया। इसे लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और तिल्हापुर चौकी का घेराव किया। इस दौरान नाराज ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक चौकी पर प्रदर्शन किया और पुलिस पर मिलीभगत कर जबरन रास्ता बनावाने का आरोप लगाया है।
एग्रीमेंट के बावजूद भी ग्रामीण नहीं बनाने दे रहे रास्ता, शिकायत
भिलोर घाट के खंड संख्या तीन से बालू निकासी के लिए जौनपुर जिले के लाइन बाजार थाने के मियांपुर निवासी परमानंद शुक्ला के नाम पट्टा आवंटित हुआ है। पट्टाधारक का कहना है कि उसने 23 जनवरी 2021 को मंडलायुक्त से कौशाम्बी जिले के रास्ते से बालू परिवहन के लिए आदेश लिया है।
इसके बाद उसने रास्ते के लिए पिपरहटा गांव के किसानों से खेत लेकर पांच साल का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया है। इसके बावजूद पिपरहटा गांव के कुछ ग्रामीण रास्ता बनाने में व्यवधान पैदा कर रहे हैं। थाने पहुंचकर पट्टेधारक ने आरोपी ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर लेकर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।