यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं अपनी प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर चिंतित हैं। कॉलेजों में अभी तक प्रयोगात्मक कार्य नहीं कराए गए हैं। डेढ़ महीने से कॉलेज बंद चल रहे हैं। चुनाव बाद यदि परीक्षा होती हैं तो छात्र-छात्राओं के सामने बड़ा संकट खड़ा होगा।
यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं जनवरी में होनी थीं लेकिन कोरोना के कारण नहीं हो सकीं। अधिकतर कॉलेजों में अभी तक छात्र-छात्राओं की फाइल तक तैयार नहीं हुई है। श्री दुर्गा देवी इंटर कॉलेज ओसा के छात्र रमन ने बताया कि उसके यहां अभी तक मात्र दो प्रोजेक्ट तैयार कराए गए हैं। जबकि आठ प्रोजेक्ट शेष हैं।
हुबलाल इंटर कॉलेज भरवारी के छात्र देवव्रत ने बताया कि उसके यहां अभी तक प्रयोगात्मक कार्य के नाम पर कुछ नहीं कराया गया है। यदि प्रयोगात्मक परीक्षा हो जाए तो छात्र कुछ नहीं कर पाएंगे। कस्तूरबा गांधी कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा रीतू ने बताया कि उसके यहां अभी तक मात्र एक प्रोजेक्ट तैयार कराया गया है। लैब के नाम पर छात्र-छात्राओं को कोई जानकारी नहीं दी गई है।
सभी प्रधानाचार्यों और विषय अध्यापकों की जिम्मेदारी है कि वह प्रयोगात्मक कार्य समय से पूरा कराएं। यदि शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। संतोष कुमार मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक