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यूपी बोर्ड : दोआबा के चार कॉलेज किए गए डिबार

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यूपी बोर्ड: दोआबा के चार कॉलेज किए गए डिबार
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माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा 2022 के लिए डिबार किए गए कॉलेजों की सूची जारी कर दी है। इस बार जनपद के चार कॉलेजों डिबार घोषित कर दिया गया है। इन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। जिले का गणेशदीन इंटर कॉलेज सहावपुर कसेंदा अनर्ह छात्रों की फारवर्डिंग करने के कारण तो पहले से ही हमेशा के लिए (आजीवन) डिबार था। इसके अतिरिक्त हरिओम साहू उमावि अजुहा, श्याम किशोर सिंह इंटर कॉलेज मिर्जापुर जवई तथा कृष्ण चंद्र भरुहिया इंटर कॉलेज समेत तीन कॉलेजों को भी तीन साल के लिए डिबार किया गया है।
इन कॉलेजों में वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल, दूसरे अभ्यर्थी को केंद्र पर बैठाकर परीक्षा दिलाने के साथ ही बाहर से कॉपी लिखाने आदि की शिकायतें मिलीं थीं। रंगे हाथ पकड़े जाने पर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने इन स्कूलों डिवार करने की संस्तुति की थी। डीआईओएस की रिपोर्ट पर बोर्ड ने तीनों कॉलेजों को तीन वर्ष के लिए डिबार घोषित करते हुए मंगलवार को सूची जारी कर दी। डीआईओएस एसके मिश्र ने बताया कि परिषद की ओर से डिबार किए गए कॉलेजों की सूची जारी कर दी गई है। इसमें जिले के चार विद्यालय शामिल किए गए हैं।
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डीआईओएस की संस्तुति नहीं डिबार हुआ सर्वजीत सिंह इंका.
यूपी बोर्ड वर्ष 2020 की परीक्षा में सर्वजीत सिंह इंटर कॉलेज नोहरी का पूरा में दूसरे छात्र की जगह अभ्यर्थी परीक्षा देते पकड़ा गया था। सेक्टर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने कॉलेज को डिबार करने की संस्तुति की थी। लेकिन मंगलवार को जारी हुई डिबार की सूची से इस विद्यालय को बाहर रखा गया। केवल केंद्र व्यवस्थापक को ही तीन साल के लिए डिबार किया गया है। इसे लेकर शिक्षा गलियारे में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
55 माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता पर लटकी तलवार
दोआबा के 55 माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता पर तलवार लटक रही है। कक्षा नौ से 12 वीं तक के छात्रों की छमाही परीक्षा का अंक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड नहीं करने पर डीआईओएस ने इन विद्यालयों के खिलाफ मान्यता रद करने की संस्तुति की है।
कोविड को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार कक्षा नौ से 12 तक के सभी विद्यार्थियों की छमाही तथा प्री-बोर्ड परीक्षाओं के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। छमाही परीक्षा के लिए 24 दिसंबर तक का समय निर्धारित किया गया था। इससे पहले डीआईओएस एसके मिश्रा ने जिले भर में संचालित परिषद के सभी 374 विद्यालयों को पत्र भेजकर निर्देश जारी किया था। इसके बावजूद 56 विद्यालयों के जिम्मेदारों ने लापरवाही बरती।
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इन विद्यालयों ने विद्यार्थियों के अंक अपलोड ही नहीं किए। डीआईओएस संतोष कुमार मिश्रा ने लापरवाही बरतने में सवित्त विद्यालय महगांव इंटर कॉलेज महगांव के प्रिंसिपल और संबंधित लिपिक का वेतन रोक दिया था। साथ ही बाकी बचे 55 वित्तविहीन विद्यालयों को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। वक्त गुजरने के बावजूद बृहस्पतिवार की शाम तक किसी भी वित्तविहीन विद्यालय के जिम्मेदार ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। इससे माना जा रहा है कि ये सभी विद्यालय सिर्फ कागजों पर संचालित हो रहे हैं। लिहाजा बृहस्पतिवार की शाम डीआईओएस ने सभी के खिलाफ मान्यता समाप्त करने की संस्तुति कर दी।
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