यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए डीएम ने परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। दो दिन बाद इम्तहान शुरू हो जाएंगे, लेकिन परीक्षा केंद्र बनाए गए ज्यादातर स्कूलों में अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जा सके हैं। इससे सवाल उठ रहा है कि आखिर कौशाम्बी में नकल कैसे रुकेगी।
बता दें कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में कौशाम्बी में सामूहिक नकल कराई जाती है। इससे यह जिला सूबे में नकलमंडी के रूप में जाना जाता है। यहां दूसरे राज्यों से भी हजारों लड़के-लड़कियां नकल के भरोसे परीक्षा देने आते हैं। इस साल भी करीब 56 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए जिले के 86 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल न हो। इसके लिए जिलाधिकारी राजमणि यादव ने उन सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने अनिवार्य किए, जिन्हें परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
दुर्गादेवी इंटर कालेज मंझनपुर, लाल बहादुर शास्त्री इंटर कालेज चायल, आदर्श ग्रामसभा इंटर कालेज चरवा, इंटर कालेज सरायअकिल के साथ ही अजुहा, सिराथू, टेंवा, करारी आदि के ज्यादातर परीक्षा केंद्रों में अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जा सके हैं। जब परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे ही नहीं लगाए जा सके हैं, तो परीक्षा में नकल कैसे रुकेगी। डीआईओएस राजशेखर सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने नकल रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्देश प्रबंधकों को दिया था, लेकिन बजट की किल्लत बताकर ज्यादातर स्कूल संचालकों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने से हाथ खड़ा कर दिए।