यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने खूब मनमानी की है। बोर्ड की ओर से जारी अंतिम सूची पर कई कॉलेज संचालकों ने दूरी को लेकर ऐतराज जताया है। हालांकि दाखिल की गई 82 आपत्तियों में अधिकतर ने अपने-अपने कॉलेज को केंद्र बनाने की सिफारिश की है।
इस बार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 43,900 विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले भर में 64 केंद्रों की अंतिम सूची जारी की है। चार नवंबर को जारी सूची के सापेक्ष बोर्ड ने तर्कपूर्ण आपत्तियां मांगी थी। इसके लिए 14 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया था। सूची सार्वजनिक होते ही बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। शिक्षा विभाग के जानकार बोर्ड अधिकारियों पर मानक को दरकिनार कर परीक्षा केंद्र बनाने का आरोप लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि राजकीय विद्यालयों को दरकिनार कर वित्तविहीन निजी स्कूल को वरीयता दी गई।
जबकि केंद्र बनाए गए कई स्कूल-कॉलेज वायस रिकार्डर समेत बोर्ड के अन्य मानकों पर भी खरा नहीं उतर रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई केंद्रों की दूरी को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बानगी के तौर पर दयानंद इंका अजुहा, वारसी इंका अफजलपुर वारी, बीआर अंबेडकर कड़ा, नफीस उमावि परास, हनुमान इंका अजुहा, केएस इंका कानेमई, सुशीला देवी रामसजीवन भैरमपुर, धनपत्ति देवी उमावि त्रिलोकपुर आदि कॉलेजों को लिया जा सकता है। इन कॉलेजों के छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र 12 से 17 किमी दूर बना दिया गया है। जबकि नियमानुसार केंद्र की दूरी अधिकतम पांच से आठ किमी होनी चाहिए। इसे लेकर कॉलेज संचालकों ने अपनी-अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इसके अतिरिक्त ज्यादातर कॉलेज प्रबंधकों ने खुद के विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाने का प्रत्यावेदन किया है।
एक ही विद्यालय को बार-बार केंद्र बनाने पर आपत्ति
तिलक इंटर कॉलेज कनैली का परीक्षा केंद्र सरदार पटेल इंटर कॉलेज सरायअकिल बनाया गया है। तिलक इंका के प्रबंधक का कहना है कि पिछले कई साल से एक ही विद्यालय में उनके कॉलेज का परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है। इसे लेकर उन्होंने डीआईओएस कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
परीक्षा केंद्रों के सापेक्ष तर्क संगत आपत्तियां मांगी गईं थी। अंतिम तिथि तक 82 आपत्तियां मिली हैं। टीईटी परीक्षा के बाद डीएम की अध्यक्षता में केंद्र निर्धारण समिति की बैठक कर आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
एसके सिंह डीआईओएस, कौशाम्बी