बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर फतेहपुर जिले से सूबे के अन्य जनपदों में वायरल हुआ था। जांच में जुटी क्राइम ब्रांच की टीम को कुछ ऐसे ही अहम सुराग हाथ लगे हैं। क्राइम ब्रांच ने अब तक दर्जन भर लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, जिससे पता चला है कि बंडलों को सील किए जाने से पहले ही पेपर लीक हो गया था।
प्रदेश में आठ अक्तूबर से 10 अक्तूबर तक बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिले में दुर्गा देवी इंटर कॉलेज ओसा व करारी इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इन दोनों केंद्रों की खुद डीआईओएस ने जांच की। जांच में पता चला कि पेपर कौशाम्बी से लीक नहीं हुआ। लेकिन सोशल मीडिया में जो पेपर था वह सटीक था। इसे लेकर प्रदेश भर की परीक्षा निरस्त कर दी गई। बाद में यही परीक्षा एक नवंबर से तीन नवंबर तक दोबारा कराई गई। पेपर लीक प्रकरण में डीआईओएस एसके सिंह ने सदर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इस प्रकरण में पुलिस व एसटीएफ ने प्रयागराज के दो प्रिंटिंग प्रेस मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर पवन त्रिवेदी का कहना है कि अब तक एक दर्जन लोगों का बयान लिया जा चुका है। पेपर फतेहपुर जिले से सोशल मीडिया मेंवायरल हुआ था। यह भी पता चला कि प्रिंटिंग प्रेस से बंडल केंद्रों को भेजे जाने से पहले ही लीक हो गया था। क्योंकि जांच में हर जिले के बंडल सील ही मिले थे। तमाम संदिग्ध लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। जल्द ही पूरा मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।