मंझनपुर। मनमानी तरीके से किसानों की जमीन अधिग्रहण के खिलाफ बुधवार को भाकियू ने मंझनपुर हुंकार भरी। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें किसानों की जमीन को उनकी मर्जी से ही अधिगृहीत करने और बिजली, सिंचाई के पानी जैसी समस्याओं को जल्द दूर किए जाने की मांग की गई। अनदेखी पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
भारतीय किसान यूनियन की बुधवार को मंझनपुर स्थित जिला पंचायत परिसर में पंचायत लगी। इसमें जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान ने किसानों की अनदेखी का आरोप शासन-प्रशासन पर लगाया। अफसरों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहाकि कौशाम्बी में किसान बिजली, सिंचाई के पानी और खाद के लिए तरस रहे हैं। बूंदाबांदी के बाद किसानों को फसल में छिड़कने के लिए यूरिया खाद की जरूरत है। पर, समितियों में खाद ही मौजूद नहीं है। वहीं उन्होंने सरकारी भवन निर्माण के लिए किसानों की जमीन मनमानी तरीके से अधिगृहीत किए जाने पर भी गुस्सा जताया। कहा कि मानक है कि किसानों की सहमति और उन्हें उचित मुआवजा देकर ही जमीन को अधिगृहीत किया जा सकता है। पर, पूरे देश में इस मानक का कहीं भी पालन नहीं हो रहा है।
पंचायत के बाद नारेबाजी करते हुए भाकियू कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और किसानों के हक के लिए हुंकार भरी। प्रदर्शन के बाद डीएम को ज्ञापन दिया गया। इसमें किसानों की जमीन उनकी सहमति से ही अधिगृहीत किए जाने, रोस्टर मुताबिक बिजली की आपूर्ति, समितियों के माध्यम से किसानों को जरूरत मुताबिक खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई। इस मौके पर सुशील सिंह, शांताराम, रणवीर सिंह, बच्चालाल, चंदू तिवारी, सायरा बानो, सुनीता देवी, देवनाथ, केवली देवी, भैयालाल धुरिया, विजय त्रिपाठी, नूरूल इस्लाम, प्रेम नारायण मौर्य, धर्म नारायण, नूरजहां आदि मौजूद रहे।