मंझनपुर। जनतादर्शन की शिकायतों का निस्तारण नहीं करना अफसरों को महंगा पड़ सकता है। जिलाधिकारी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में अफसरों के साथ बैठक करके जनता दर्शन के शिकायतों की समीक्षा की। इस दौरान 699 शिकायतीपत्रों के विभागों में लंबित होने पर उन्होंने गुस्सा जताया। लापरवाही पर बिफरे डीएम ने संबंधित अफसरों की जमकर क्लास ली। डीएम ने मातहतों को शिकायतों के निस्तारण के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। मनमानी पर कार्रवाई की चेतावानी दी है।
जिलाधिकारी राजमणि यादव ने बुधवार को जिलास्तरीय अफसरों के साथ बैठक की। इसमें जनता दर्शन में आए विभिन्न शिकायतीपत्रों के निस्तारण की एक-एक करके समीक्षा की। डीएम ने बताया कि पहली जनवरी 2015 तक जनता दर्शन में 1060 शिकायतीपत्र आए थे। इसमें 360 शिकायतीपत्रों का निस्तारण किया जा सका है। जबकि 699 शिकायतों का निस्तार अब तक नहीं किया गया है। इसमें मुख्य विकास अधिकारी के 132, एसडीएम मंझनपुर के 74, कोतवाली कोखराज के 54, एसडीएम सिराथू के 53, एसओ सैनी के 30, एसडीएम चायल के 22, एसओ पश्चिमशरीरा के 27, एक्सईएन विद्युत 37, जलनिगम के 17 और एसओ चरवा के 12 शिकायतीपत्र लंबित हैं।
शिकायतों के निस्तारण में मनमानी पर विफरे डीएम ने अफसरों की जमकर क्लास ली। साथ ही शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। मनमानी पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस मौके पर सीडीओ बीएन मिश्र, डीडीओ महेन्द्र तिवारी, पीडी आरसी पांडेय, डीपीआरओ आरके भारती, सीवीओ डॉ एसपी पांडेय, प्रभारी बीएसए मिथलेश सिह, एसडीएम रजनीश मिश्रा, जवाहरलाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।