कोतवाली के बरुआ गांव में सोमवार को टीकाकरण के बाद तीन वर्षीय बालिका की मौत हो गई। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सदर कोतवाली के देवरा गांव का दीनानाथ परिवार के साथ बरुआ स्थित एक ईंट भट्ठे पर रहकर मजदूरी करता है। दीनानाथ के मुताबिक 14 दिसंबर को उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ थी। सोमवार को टीकाकरण के लिए स्वास्थ्यकर्मी आए और बच्ची को टीका लगाया।
टीका लगने के बाद महज एक घंटे बाद ही बच्ची की हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। दीनानाथ ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गलत टीके के कारण उसकी बच्ची की मौत हुई है। उसने टीकाकरण करने वाले कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की।
शिकायत पर पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। डिप्टी सीएमओ डॉ. एचपी मणि का कहना है कि सोमवार से मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण अभियान चलाया गया है। टीका लगने से किसी बच्ची की मौत की जानकारी नहीं है। टीका लगने से किसी की मौत नहीं हो सकती। फिलहाल, वह मामले की जांच कराएंगे। वहीं इंस्पेक्टर पश्चिमशरीरा रोशन लाल का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।