विकास खंड कौशाम्बी के कोसम इनाम गांव में कुछ माह पहले ग्राम पंचायत सदस्यों ने अपने ही ग्राम प्रधान व सचिव पर कराए गए इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण में धांधली का आरोप लगाया था। सदस्यों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री से की। शिकायत करने वाले तब हैरान रह गए जब मामले की जांच गबन के आरोपी सचिव को सौंप दी गई। इसकी शिकायत डीपीआरओ व बीडीओ से की गई है।
कोसम इनाम ग्राम पंचायत के सदस्य एजाज अब्बास, दिनेश कुमार, अहमद अली, हाजरा बेगम, मैकी देवी, सुधा देवी, जय लाल आदि सदस्यों ने सूबे के मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया कि ग्राम प्रधान फूला यादव का कामकाज उनके पति शिवपूजन यादव देखते हैं। सदस्यों का आरोप है कि ग्राम प्रधान बिना बैठक कराए ही सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर से प्रस्ताव पारित कर काम करा रही हैं।
कोसम इनाम के वार्ड नंबर तीन, सात व 12 में कराए गए इंटरलॉकिंग काम में भारी अनियमितता की गई है। गुणवत्ता के अनुरूप काम नहीं कराए गए। बिना गिट्टी बिछाए ही इंटरलॉकिंग लगा दी गई है। सीमेंट और ईंट में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इसमें गांव में ही तैनात ग्राम सचिव ने फर्जी तरीके से जांच कर रिपोर्ट लगा दी है।
पंचायत सदस्यों का कहना है कि जिस प्रधान व सचिव पर आरोप लगाया गया उसी से निर्माण के गुणवत्ता की जांच कराई गई। इसकी शिकायत दोबारा बीडीओ व डीपीआरओ से की गई है। इस बाबत बीडीओ शिवपूजन भारतीय का कहना है सचिव ने खुद के निर्दोष होने का सुबूत दिया है। इसकी आख्या जिलाधिकारी को भेजी गई है। आगे जो भी अफसरों का निर्देश होगा, उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।