मंझनपुर। बच्चों की वैज्ञानिक सोच को एक मंच देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय इंस्पायर अवार्ड योजना का संचालन करता है। अब तक जहां छठवीं से हाईस्कूल तक के बच्चे के आइडिया लिया जाता रहा है। वहीं अब 12वीं तक के बच्चों को इसमें शामिल किया गया है।
जिला विज्ञान क्लब की ओर से आयोजित होने वाले इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता बच्चों की वैज्ञानिक सोच को एक मंच देती है। अभी तक कक्षा छह से 10वीं तक के बच्चे ही इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते थे। अब इसमें 12वीं के बच्चों को भी शामिल किया गया है। माना जाता है कि 12वीं तक के बच्चों की सोच ज्यादा विकसित होती है। अब और ज्यादा और सशक्त आइडिया मिलेगा। इन आइडिया में चुनिंदा मॉडल को विकसित किया जाएगा।
इसके लिए सरकार 10 हजार रुपये तक की मदद करती है। प्रेरक शिक्षक के सहयोग से बच्चे मॉडल को विकसित करने का काम करेंगे। बाद में बेहतर सोच और मॉडल पर बड़े-बड़े कॉलेज और इंजीनियर शोध कर इनको अंतिम रूप देने का काम करेंगे।
श्रीदुर्गा देवी इंटर कॉलेज के इंटर के विद्यार्थी मनोज कुमार, अरुण व संतोष आदि ने बताया कि इस फैसले से हम लोगों के अंदर जो सोच आने के बाद दब जाती रही है, उसे पहचान मिलेगी।
15 जून से होगा आवेदन
- इंस्पायर अवार्ड के लिए इस साल का आवेदन 15 जून से शुरू होगा। इसके लिए विभाग की साइट पर स्कूलों के माध्यम से वैज्ञानिक सोच को आइडिया के रूप में देना होगा।
बीते साल योजना में 2705 बच्चों ने आवेदन कर अपने आइडिया बताए थे। उसमें 61 बच्चों का चयन हुआ था। इसके पहले 200 बच्चों ने आवेदन किया। इसमें पांच के आइडिया का चयन किया गया था। इस साल की प्रतियोगिता अभी होना शेष है। -वसीम अहमद, सचिव, जिला विज्ञान क्लब
- विद्यालय में अब तक जो प्रतियोगिता होती रही है। उसमें अब 12वीं के बच्चे भी शामिल हो जाएंगे। इसके लिए विद्यालय को ज्यादा कुछ नहीं करना होगा। जबकि इसके बदले में जो आइडिया आएगा। वह और बेहतर और उपयोगी होगा।- नीरज केसरी, डीआईओएस व नोडल जिला विज्ञान क्लब