the police men became safe from the assault of villagers
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कानपुर के बिकरू में कुख्यात विकास दुबे को पकड़ने के दौरान मारे गए सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि कड़ा कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात वही गलती दोहरा दी। दबिश देने गए दरोगा, सिपाही पर आक्रोशित लोग टूट पड़े। गनीमत रही कि कुछ संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप पर उनकी जान बच गई। सिपाही का मोबाइल व दरोगा का सर्विस रिवाल्वर भी छीन लिया गया था। हालांकि बाद में रिवाल्वर बरामद कर ली गई।
कड़ा कोतवाली के दारानगर में 11 अगस्त की रात ज्ञानमति पत्नी रामगोपाल के घर नकब लगाकर चोर आठ हजार की नकदी व जेवरात उठा ले गए थे। इस मामले में कड़ा कोतवाली पुलिस ने 12 अगस्त को घटना की रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद उप निरीक्षक केआर सिंह को पता चला कि सैनी कोतवाली क्षेत्र के नरसिंहपुर कछुवा गांव का सिंटू चोरी के एक मामले में पहले जेल जा चुका है। दुष्कर्म का एक मामला भी उस पर विचाराधीन है। पुलिस ने शक के आधार मंगलवार रात आठ बजे सिंटू को गिरफ्तार करने निकल पड़ी। कोतवाली की जीप व एक बाइक से दरोगा सहित पांच लोग नरसिंहपुर कछुवा पहुंचे। इस बाबत सैनी कोतवाली पुलिस को कोई खबर नहीं दी गई थी। साथ ही महिला सिपाही को भी नहीं लिया गया था।
जबकि नरसिंहपुर कछुवा गांव सैनी कोतवाली के अंतर्गत आता है। पुलिस ने सिंटू को गिरफ्तार कर लिया और उसे सरकारी जीप में लाद कर कोतवाली के लिए रवाना कर दिया। दरोगा केआर सिंह व सिपाही दिलीप जैसे ही बाइक से कोतवाली के लिए बढ़े कि परिवार की महिलाओं ने अचानक लाठी-डंडे से हमला कर दिया। महिलाओं से घिरे दरोगा व सिपाही को लोगों को जमकर पीटा। दरोगा की रिवाल्वर छीन ली गई और सिपाही का मोबाइल। गनीमत रही कि गांव के कुछ संभ्रांत लोग मौके पर पहुंच गए और किसी तरह दरोगा सिपाही को सकुशल बाहर लाए। अन्यथा किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता था। घटना के बाद हमलावर भाग निकले। बाद में मौके पर पहुंची कई थानों की फोर्स ने छह लोगों को हिरासत में लिया है। इस बाबत अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर सिंह का कहना है यह बात सही है कि दबिश के दौरान सैनी पुलिस को जानकारी नहीं दी गई है। एक व्यक्ति को पकड़ने के लिए दरोगा ने सैनी को सूचना देना जरूरी नहीं सममझा।
पकड़े गए व्यक्ति की मां ने सुनियोजित तरीके से हमला कराया है। मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दीवान से दरोगा बने केआर सिंह पहले अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हेडपेशी थे। इसके बाद उनका तबादला सीओ सिराथू के यहां हुआ। वहां पर भी वह हेडपेशी के पद पर कार्यरत रहे। आरोपी के खिलाफ कई मामले दर्ज थे। उसने गैर बिरादरी की युवती से शादी किया था। तमाम मामलों में वह बयान के लिए सीओ के यहां आया भी था। इस पर दरोगा को इल्म नहीं था कि आरोपी उनके साथ इस तरह की घटना कर सकता है। इसी झटके में वह उसे बहाने से कोतवाली बुलाने गए थे। पकड़े गए व्यक्ति की मां ने मोहल्ले की औरतों को एकत्र कर हमला कराया।
गुरुवार सुबह व्हाट्सएप के कई ग्रुप में कुछ लोगों ने एक भ्रामक संदेश वायरल किया। इसमें लिखा कि पिटाई से घायल दरोगा की मौत हो गई है। इस संदेश पर निगाह पड़ते ही एसपी अभिनंदन बिफर पड़े। उन्होंने तत्काल वीडियो जारी करके का खंडन किया। एसपी ने बताया कि भ्रामक संदेश वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश पुलिस को दे दिया गया है। जल्द ही चिन्हित कर सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। वहीं, अस्पताल में भर्ती दरोगा व दोनों सिपाहियों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। सीओ रामवीर सिंह ने बताया कि आरक्षी दिलीप यादव को अधिक चोट लगी है। एसपी अभिनंदन ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है। एक एएसपी समर बहादुर तो दूसरी सीओ सिराथू रामवीर सिंह के नेतृत्व में बनाई गई है। इसके अलावा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को भी गिरफ्तारी का जिम्मा दिया गया है। एसपी ने सभी टीमों को गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे की मोहलत दी है। एसपी का कहना है कि इसी अवधि में गिरफ्तारी की पूरी कोशिश की जाएगी।