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जिसने लड़ा प्रधानी का चुनाव, वोटर लिस्ट से गायब था उसी का नाम

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मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण तमाम लोग मताधिकार से वंचित रह गए। लोग वोट डालने बूथ तक पहुंचे लेकिन वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। मतदाता सूची में गड़बड़ी का ठीकरा लोग बीएलओ पर फोड़ रहे हैं।
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सिराथू विधान सभा के निजामपुर नौगीरा गांव की मोनी श्रीवास्तव पत्नी अनुराग श्रीवास्तव ने प्रधानी का चुनाव लड़ था। विस चुनाव के लिए जो वोटर लिस्ट गांव पहुंची, उसमें मोनी का नाम ही नहीं था। इस वजह से उसे बिना वोट डाले वापस लौटना पड़ा।
इसी तरह चायल विकास खंड के बसुहार गांव की सखिया देवी व सीता राम का नाम भी वोटर लिस्ट में नहीं था। मंझनपुर कस्बे में रहने वाले सुरेश चंद्र केसरवानी व उनके परिवार के सात सदस्यों का नाम वोटर लिस्ट से कटा था। यहीं के कटरानगर मोहल्ले से निकाय चुनाव में सभासद प्रत्याशी श्रवण गुप्ता का भी नाम वोटर लिस्ट से गायब था।
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इस वजह से श्रवण भी बूथ से मायूस होकर लौट गए। वहीं, श्रवण की पत्नी का नाम मतदाता सूची में दर्ज था। चायल कस्बा सहित मनौरी बाजार, शेखपुर रसूलपुर, रसूलाबाद उर्फ कोइलहा, मूरतगंज, कसिया आदि बूथों पर भी तमाम वोटरों के नाम लिस्ट से गायब थे। वोटरों ने बीएलओ पर लापरवाही का आरोप लगाया। चायल एसडीएम राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि मामला संज्ञान में है। प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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