कार्तिक मास मंगलवार से शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में इस महीने को स्नान, दान, पूजा-पाठ और दीपदान के लिए विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास में भगवान विष्णु की आराधना, तुलसी पूजन और प्रतिदिन दीपदान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस महीने श्रद्धालु विधिविधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
हुबलाल संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि स्कंद पुराण और पद्म पुराण में कार्तिक मास की महिमा का वर्णन मिलता है। इस दौरान सूर्योदय से पहले स्नान, भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी सेवा, व्रत और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक धार्मिक कार्य करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
दीपदान से दूर होते हैं कष्ट
कार्तिक मास में मंदिरों, नदी किनारे, घर के आंगन और तुलसी के पौधे के नीचे दीप जलाने की परंपरा है। श्रद्धालु शाम को भगवान विष्णु की पूजा के बाद दीपदान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नियमित दीपदान से पुण्य मिलता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
तुलसी पूजन का विशेष महत्व
कार्तिक मास में तुलसी के पौधे में जल अर्पित करने और उसके नीचे दीप जलाने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि तुलसी पूजन से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इस महीने जरूरतमंदों को दान देना, सात्विक भोजन करना और संयमित जीवन अपनाना भी पुण्यदायी माना गया है।
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कार्तिक मास में ये काम करें-
सूर्योदय से पहले स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दें।
भगवान विष्णु की पूजा और तुलसी की सेवा करें।
शाम को घर या मंदिर में दीपदान करें।
जरूरतमंदों को दान दें और सामर्थ्य के अनुसार भोजन कराएं।
सात्विक भोजन करें और मांस-मदिरा से परहेज रखें।